रणजी ट्रॉफी में पृथ्वी शॉ ने लगाया दोहरा शतक, टीम इंडिया के खटखटाए दरवाजे
मुंबई के सलामी बल्लेबाजी पृथ्वी शॉ ने रणजी ट्रॉफ में असम के खिलाफ शानदार शतक जड़ दिया है। खबर लिखे जाने तक पृथ्वी 150 से उपर खेल रहे थे।

लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे मुंबई के सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने एक बार फिर भारतीय टीम के दरवाजे खटखटाए हैं। दरअसल, पृथ्वी शॉ ने रणजी ट्रॉफी के एक मुकाबले में दोहरा शतक जड़ दिया है। मंगलवार को रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप बी के मैच में असम के खिलाफ पृथ्वी शॉ ने पहले अपने फर्स्ट क्लास करियर का 12वां शतक पूरा किया और उसके बाद विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 235 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा कर लिया। आपको बता दें कि पृथ्वी शॉ का यह रणजी ट्रॉफी में पहला दोहरा शतक है। खबर लिखे जाने तक पृथ्वी शॉ 218 रन पर बल्लेबाजी कर रहे हैं। वहीं उनके साथ अजिंक्य रहाणे अपनी हाफ सेंचुरी पूरी कर चुके हैं।
पृथ्वी ने 12वां फर्स्ट क्लास शतक भी लगाया
इससे पहले पृथ्वी शॉ ने 107 गेंदों में अपनी सेंचुरी पूरी की थी। आपको बता दें कि एलीट ग्रुप बी के मुकाबले में मुंबई का सामना असम से है। असम की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। पृथ्वी शॉ और मुशीर खान ने मुंबई को बेहद मजबूत शुरुआत दिलाई थी। दोनों बल्लेबाजों के बीच पहले विकेट के लिए 123 रनों की साझेदारी हुई। 123 के स्कोर पर मुशीर खान 42 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद पृथ्वी शॉ ने अपनी ताबड़तोड़ बैटिंग को जारी रखा और फर्स्ट क्लास क्रिकेट का पहले 12वां शतक और फिर बाद में पहला दोहरा शतक जड़ दिया।
इस शतक से पृथ्वी शॉ ने फिर से चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। बता दें कि पृथ्वी शॉ जुलाई 2021 के बाद से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं। आपको बता दें कि रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में पृथ्वी शॉ का यह पहला शतक है। इससे पहले पृथ्वी ने 4 मैचों में सिर्फ एक अर्धशतक लगाया था। पृथ्वी ने अपनी सेंचुरी 15
चौके और एक छक्के की मदद से पूरी की।
आपको बता दें कि पृथ्वी शॉ भारत ए टीम का हिस्सा थे जिसने सितंबर में चेन्नई में न्यूजीलैंड ए टीम का दौरा किया था, लेकिन तब से उन्हें भारतीय चयनकर्ताओं द्वारा किसी भी घरेलू या दूर श्रृंखला के लिए नहीं चुना गया है।
2018 में भारत के लिए टेस्ट डेब्यू करने वाले पृथ्वी शॉ ने अपने डेब्यू में ही शतक लगाया था, लेकिन दिसंबर 2020 के बाद से उन्हें टेस्ट टीम में शामिल नहीं किया गया है। साथ ही जुलाई 2021 के बाद से उन्होंने भारत केलिए व्हाइट बॉल क्रिकेट भी नहीं खेला है। टीम से नजरअंदाज किए जा रहे पृथ्वी ने एक बयान में कहा भी था कि रन बनाने के बाद भी मौका नहीं मिलने से वो निराश थे, लेकिन उन्हें भरोसा है कि चयनकर्ता उन पर भरोसा जरूर दिखाएंगे।
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