इंग्लैंड के बल्लेबाजों के आगे फुस्स साबित हुए पाक के 'धुरंधर' गेंदबाज, नाकामी छिपाने के लिए नया बहाना
भारतीय टीम के क्रिकेटर उस कलाकार की तरह हैं जो छोटे मंच पर तो धांसू प्रदर्शन करता है लेकिन बड़े मंच पर उसकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है। इस साल टीम इंडिया ने टी-20 के द्विपक्षीय सीरीज में जीत का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया।
शेखी बघराने में पाकिस्तान का कोई सानी नहीं है। हारने के बाद भी खुद को तोप साबित करने से बाज नहीं आते। पाकिस्तान के कप्तान और पूर्व क्रिकेटर यही बात दोहरा रहे हैं कि अगर 20 रन और बना लेते तो फाइनल जरूर जीत जाते। जब फाइनल में पाकिस्तान 137 रन ही बना पाया तब कुछ लोग यह भी कह रहे थे कि यही वह एक टीम है जो इस टोटल को भी डिफेंड कर सकती है। वह इसलिए कि क्यों कि पाकिस्तान के पास विश्व का सबसे अच्छा बॉलिंग अटैक है। लेकिन दोनों ही बातें बड़बोलेपन की निशानी थी।

पाकिस्तान में दम रहता तो इंग्लैंड को 45/3 पर ही दबोच लेता
अगर फाइनल मैच के खेल पर गौर करें तो पाते हैं कि पाकिस्तान के गेंदबाज न तो पावर प्ले में रनों की रफ्तार रोक पाये और न ही डेथओवरों में। पावर प्ले मे इंग्लैंड के तीन विकेट जरूर गिरे लेकिन 49 रन बना कर उसने यह जता दिया कि वे इस छोटे लक्ष्य को जल्द हासिल करना चाहते हैं। विकेट गिरने के बावजूद इंग्लैंड पाकिस्तानी पेसरों के दबाव में नहीं आया। इंग्लैंड को अंतिम पांच ओवरों में जीत के लिए 41 रन चाहिए थे। यानी प्रति ओवर 8.20 रन की दरकार थी। अगर पाकिस्तानी के गेंदबाज सच में इतने काबिल होते तो वे इंग्लैंड को जीत से रोक सकते थे। या कम से कम मैच को आखिरी ओवर तक ले जा सकते थे। लेकिन इंग्लैंड ने 19वें ओवर में ही मैच जीत लिया। जब इंग्लैंड का स्कोर 45 पर 3 था तब पाकिस्तान के पास एक बड़ा मौका था। बटलर भी आउट हो चुके थे। अगर पाकिस्तान के बॉलर इतने ही फास्ट ड फ्यूरिस रहते तो उसी समय इंग्लैंड को दबोच लेते। लेकिन हकीकत में पाकिस्तानी गेंदबाजों में वो दम ही नहीं था कि वे इंग्लैंड को रोक सकें।

शोपीस हैं पाकिस्तान के गेंदबाज, नसीम ने 2 ओवर में 25 रन दिये
पाकिस्तान के तेज गेंदबाज ऐसे हैं, वैसे हैं, न जाने क्या-क्या शिगूफे छोड़े गये। लेकिन जब धमाके का वक्त आया तो फुस्स हो गये। क्या पाकिस्तान केवल शाहीन आफरीदी के भरोसे फाइनल में उतरा था ? बाकी तेज गेंदबाज उसके शोपीस हैं ? शाहीन ने पहले ओवर में हेल्स का विकेट लेकर इंग्लैंड को बड़ा झटका दिया था। लेकिन दूसरे ओवर में नसीम शाह ने 14 रन लुटा दिये। बटलर ने नसीम को तीन चौके ठोके। कुल 14 रन बने। छठे ओवर की तीसरी गेंद पर रऊफ ने बटलर को आउट कर दिया। तब तक बटलर 17 गेंदों पर 26 रन बना चुके थे। स्कोर था 3 विकेट पर 45 रन। छठा ओवर खत्म हुआ तो इंग्लैंड 3 विकेट पर 49 रन बना चुका था। पावर प्ले में इंग्लैंड ने पाकिस्तान से तेज खेल दिखाया। तब तक शाहीन आफरीदी की गेंदबाजी भी सामान्य ही थी। उन्होंने दो ओवरों में 14 रन देकर एक विकट लिया था। नसीम शाह अपना दूसरा और मैच का पांचवां ओवर लेकर आये। इस ओवर में 11 रन बने। यानी नसीम ने 2 ओवरों में 25 रन लुटा दिये। क्या विश्व के सबसे बढ़िया बॉलिंग अटैक की यही निशानी है ?

बीच के ओवरों में मिले मौके को नहीं भुनाया
बीच के ओवरों में भी पाकिस्तानी गेंदबाजों को मौका मिला था लेकिन वे फायदा नहीं उठा सके। सातवें ओवर के बाद इंग्लैंड को जीत के लिए 6.6 की औसत से रन बनाने थे। हाथ में 7 विकेट थे। तब इंग्लैंड ने अपनी रणनीति बदल दी। उसने एक दो रन लेकर ही प्रति ओवर 6-7 रन बनाने की सोची। दसवें ओवर तक वह 7-8 रन की औसत से रन बनाता रहा। उसने कभी रिक्वायर्ड रन रेट को बढ़ने नहीं दिया। लेकिन 14वें ओवर तक दृश्य कुछ बदला। पिछले तीन ओवरों में सिर्फ 10 रन बने। पाकिस्तान को एक मौका और मिला। अब इंग्लैंड को 6 ओवरों में 49 रन बनाने थे। आवश्यक रन रेट बढ़ कर 8.16 हो गया था। पाकिस्तान के गेंदबाजों में अगर दम होता तो वे यहां भी मैच बना सकते थे। लेकिन वे नाकाम रहे। 15वां ओवर हारिस रऊफ ने डाला। उनके इस ओवर में स्टोक्स ने एक चौका लगाया। स्टोक्स और मोइन ने मिल कर 8 रन बनाये। 16वें ओवर की पहली गेंद के बाद शाहीन आफरीदी इंजुरी की वजह से मैदान से बाहर चले गये। उनका ओवर इफ्तेखार ने पूरा किया। स्टोक्स ने इस ओवर में चौका और छक्का लगा कर मैच को पाकिस्तान से दूर कर दिया। कुल 13 रन बने और इंग्लैंड का आवश्यक रन रेट फिर 7 पर पहुंच गया।

शर्मिंदगी छिपाने के लिए 20 रन कम की जुमलेबाजी
17वें ओवर में ही यह तय हो गया कि पाकिस्तान अब फाइनल हारने वाला है। 17वां ओवर तेज गेंदबाज मोहम्मद वसीम ने डाला। इस ओवर में मोइन अली ने तीन चौके लगा कर पाकिस्तान के गुरूर को तोड़ दिया। कुल 16 रन बने। इसके बाद इंग्लैंड की जीत की केवल औपचारिकता बच गयी। तीन ओवर में 12 रन चाहिए थे। आवश्यक रन रेट 4 पर पहुंच गया। इंग्लैंड ने 19 वें ओवर में ही 138 रन बना कर फाइनल 5 विकेट से जीत लिया। पाकिस्तान ने अपनी गेंदबाजी का जो भैकाल बना रखा था उसकी कलई खुल गयी। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने जिस तरह से बैटिंग की उससे उनके लिए 160 का लक्ष्य भी कठिन नहीं था। अभी वेन स्टोक्स नॉट आउट थे। सैम करन, क्रिस वोक्स और क्रिस जॉर्डन जैसे हार्ड हिटर हरफनमौला खिलाड़ी आने बाकी थे। वैसे भी इंग्लैंड ने एक ओवर पहले ही मैच जीत लिया था। अब पाकिस्तान के क्रिकेटर और समर्थक अपनी शर्मिदगी छिपाने के लिए 20 रन कम की जुमलेबाजी कर रहे हैं।












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