'PAK को फिर से हमले के लिए तैयार कर रहा BCCI', पहलगाम के शहीद की पत्नी ने भारतीय क्रिकेटर्स को किया एक्सपोज
एशिया कप 2025 में होने वाले भारत-पाक मैच को लेकर देश में जोरदार बहस छिड़ गई है। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था, हालांकि कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से मना कर दिया और कहा कि मैच को न रोका जाए। इस बीच पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या द्विवेदी ने इस मैच के आयोजन पर तीखा विरोध जताया है।
ऐशन्या द्विवेदी का कहना है कि इस मैच को रद्द करने की मांग सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे देश की है। आइए, इस पूरे विवाद को विस्तार से समझते हैं।

आतंकी हमले के पीड़ित परिवार की भावुक अपील
ऐशन्या द्विवेदी ने बीसीसीआई, भारतीय क्रिकेटरों और प्रायोजकों पर जमकर निशाना साधा है। उनका कहना है कि देश 26 परिवारों के दर्द को भूल गया है। उन्होंने News18 से बात करते हुए कहा कि, 'मुझे लगता है कि बीसीसीआई उन 26 परिवारों के प्रति संवेदनशील नहीं है...हमारे क्रिकेटर क्या कर रहे हैं? कहा जाता है कि क्रिकेटर राष्ट्रवादी होते हैं...लेकिन 1-2 खिलाड़ियों को छोड़कर किसी ने भी पाकिस्तान के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने के लिए आगे बढ़कर कुछ नहीं कहा। बीसीसीआई बंदूक की नोक पर उनसे नहीं खिला सकती।'
विदेशी फंडिंग का आरोप
ऐशन्या ने मैच से मिलने वाले रेवेन्यू पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इससे जो पैसा आएगा, पाकिस्तान उसका इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए करेगा। उन्होंने लोगों से इस मैच का बहिष्कार करने और टीवी न चलाने की अपील की।
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका, कहा- 'मैच होना चाहिए'
इस विवाद के बीच, मैच रद्द करने की मांग को लेकर एक जनहित याचिका (PIL) सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलना राष्ट्रीय हित के खिलाफ है और यह शहीदों और पीड़ितों के सम्मान को ठेस पहुंचाता है।
कोर्ट का फैसला
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया और कहा कि 'मैच को जारी रहना चाहिए।' कोर्ट ने याचिका की जल्द सुनवाई की मांग को भी खारिज कर दिया।
BCCI का रुख: नियमों का पालन
बीसीसीआई ने इस विवाद पर स्पष्ट किया है कि वह भारत सरकार की खेल नीतियों का पालन कर रहा है। सरकार की नीति के अनुसार, भारतीय टीम बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में पाकिस्तान के खिलाफ खेल सकती है, लेकिन द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलेगी। बीसीसीआई के सचिव के अनुसार, अगर भारत किसी टूर्नामेंट से हटने का फैसला करता है, तो एशियाई क्रिकेट परिषद या आईसीसी सख्त कार्रवाई कर सकती है, जिससे खिलाड़ियों के करियर पर असर पड़ सकता है।












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