'अम्मी, मेरे लिए दुआ करना', मोहम्मह सिराज ने मां से मांगा था जीत का आशीर्वाद? फिर हुआ चमत्कार!
Mohammed Siraj News: भारत और इंग्लैंड के बीच हाल ही में खत्म हुई टेस्ट सीरीज में मोहम्मद सिराज टीम इंडिया के सबसे चमकते सितारे बनकर उभरे। पांच टेस्ट मैचों की इस ऐतिहासिक सीरीज़ में सिराज ने 23 विकेट लेकर ना सिर्फ इंग्लिश बल्लेबाजों की कमर तोड़ी, बल्कि भारत को सीरीज़ 2-2 से बराबरी दिलाने में अहम भूमिका निभाई। आखिरी टेस्ट में 9 विकेट झटककर उन्होंने साबित कर दिया कि वह अब भारत के सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में शामिल हो चुके हैं।
बड़ी मुश्किल से मिली है कामयाबी (Mohammed Siraj News)
लेकिन सिराज की ये कामयाबी एक दिन में नहीं आई। उनके करियर का एक बहुत अहम मोड़ साल 2018 था, जब उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा। कई आलोचकों ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाने की बात की। लेकिन उस मुश्किल समय में भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। जिसका नतीजा यह है कि आज जसप्रीत बुमराह के बाद भारतीय टीम के दूसरे सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज हैं।

मां से कही थी दिल की बात
सीरीज़ शुरू होने से पहले सिराज ने अपनी मां शबाना बेगम से सिर्फ इतना कहा था कि अम्मी, मेरे लिए दुआ करना। मैं अच्छा करूं और भारत को जिताऊं। यह शब्द एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि एक बेटे की गुहार थी, जिसने अपने पिता को खोने का गम अब तक दिल में समेटा हुआ है। सिराज के पिता मोहम्मद गौस, जिन्होंने हैदराबाद की गलियों से बेटे को इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचाने का सपना देखा था, उनका निधन 2020-21 की ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ के दौरान हुआ था। सिराज उस समय अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सके, लेकिन अपने देश के लिए उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा।
पिता का सपना हुआ साकार
इंग्लैंड रवाना होने से पहले सिराज हमेशा की तरह अपने पिता की कब्र पर गए और हाथ जोड़कर बोले अब्बू, ये सीरीज़ आपके लिए है। और फिर जो हुआ, वो इतिहास बन गया। सिराज ने सीरीज़ में सबसे ज्यादा विकेट (23) लेकर भारत को जीत दिलाई और अपनी भावनाओं को ताकत में बदलकर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। रवींद्र जडेजा ने लॉर्ड्स टेस्ट में जब सिराज को मोटिवेट करते हुए कहा कि डिफेंस संभाल और अपने अब्बू को याद कर तो सिराज की आंखें भर आईं। लेकिन उसी पल उन्होंने खुद से वादा किया कि हार नहीं माननी है।












Click it and Unblock the Notifications