अफगानिस्तान के खिलाफ जीत के बाद ग्लेन मैक्सवेल ने कही दिल जीतने वाली बात
वनडे क्रिकेट के इतिहास में ग्लेन मैक्सवेल ने अफगानिस्तान के खिलाफ ऐतिहासिक 201 रनों की नाबाद पारी खेली। जिसकी बदौलत ऑस्ट्रेलिया की टीम को 3 विकेट से जीत मिली और सेमीफाइनल में उसकी सीट पक्की हुई।
292 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम ने 91 रनों के स्कोर पर 7 विकेट गंवा दिए थे। ऐसे में क्रीज पर पूर्ण रूप से सिर्फ एक ही बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल मौजूद थे। मक्सवेल ने इस दौरान जबरदस्त पारी खेलते हुए 10 छक्के और 21 चौकों की मदद से ऑस्ट्रेलिया को जीत तक पहुंचाया।

इस जबरदस्त पारी के बाद मैक्सवेल ने कहा कि मुझे पवेलियन जाने का अवसर दिया गया था। मैक्सवेल ने क्रैंप के साथ बल्लेबाजी की और मैदान पर रहना चुना वो भी ऐसे वक्त जब वह अपने पैर तक नहीं हिला पा रहे थे। मैक्सवेल ने कहा कि बहुत अधिक गर्मी और सीमित फिजिकल एक्टिविटी की वजह से उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
मैक्सवेल ने कहा कि जब मैं फील्डिंग कर रहा था तो यहां काफी गर्मी थी। मैंने गर्मी की वजह से बहुत अभ्यास नहीं किया। लेकिन आखिरी तक बल्लेबाजी करते रहना काफी अच्छा रहा।
मैक्सवेल ने कहा कि शुरुआती दो हार के बाद लोग ऑस्ट्रेलिया को विश्वकप से बाहर मान रहे थे। लेकिन उसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने लगातार 6 मैचों में जीत दर्ज की है और विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली तीसरी टीम बन गई है।
जब ऑस्ट्रेलिया के 49 पर 4 विकेट गिर गए थे तो उस वक्त कंगारू टीम मुश्किल में थी। मैक्सवेल इस वक्त बल्लेबाजी के लिए मैदान पर आए। उन्होंने कहा कि मैं अपनी बल्लेबाजी की रणनीति पर टिके रहना चाहता था।
मैं पॉजिटिव रहने की कोशिश कर रहा था। अगर मैं सिर्फ बचाने की कोशिश करता तो मैंने अपना विकेट खो दिया होता। वो एलबीडब्लयू मेरे लिए अलार्म था कि अब मुझे गेंदबाजों पर हमला करना है।
सेमीफाइनल में पहुंचना मेरे लिए जबरदस्त अनुभव है। पहले दो मैचों के बाद लोग हमे नजरअंदाज कर चुके थे। लेकिन विश्वास हमेशा से हमारे भीतर था। आज के बाद यह और अधिक बढ़ा है। बता दें कि पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की टीम से इब्राहिम जादरान ने नाबाद शतकीय पारी खेली, जिसकी बदौलत अफगानिस्तान की टीम ने 291 रन का स्कोर खड़ा किया।












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