IPL 2026: आईपीएल में 5 सबसे छोटे स्टेडियम, जहां आसानी से होती है छक्कों की बारिश
IPL 2026: आईपीएल में दर्शकों को मजा तभी आता है, जब गेंद और बल्ले के बीच धांसू सम्पर्क होता है। चौकों और छक्कों की बारिश देखने हर किसी को अच्छा लगता है। इस बार भी कुछ वही देखने को मिल रहा है। कई बार मिसटाइम शॉट भी छह रन के लिए सीमा रेखा पार कर जाता है, इसमें स्टेडियम का भी रोल होता है।
इस बार दस टीमों के बीच कुल 13 वेन्यू पर मुकाबले खेले जा रहे हैं। इनमें से 5 स्टेडियम ऐसे हैं, जहां कोई भी शॉट खेलकर छह रन जुटाए जा सकते हैं। गेंदबाजों के लिए ये छोटी बाउंड्री वाले स्टेडियम परेशानी का सबब बन गए हैं। इन पांचों स्टेडियमों के बारे में आपको जरूर जानना चाहिए।

एम चिन्नास्वामी स्टेडियम
बेंगलुरु का चिन्नास्वामी स्टेडियम IPL का सबसे छोटा मैदान माना जाता है। यहां की बाउंड्री आमतौर पर 55 से 65 मीटर के बीच रहती है। यही कारण है कि इस मैदान पर 200+ स्कोर बेहद आम बात है। छोटी बाउंड्री और तेज आउटफील्ड की वजह से यहां बल्लेबाज खुलकर शॉट खेलते हैं और कई बार हल्का सा एज भी छक्के में बदल जाता है।
अरुण जेटली स्टेडियम
दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम भी छोटे मैदानों में गिना जाता है। यहां की स्ट्रेट बाउंड्री खासतौर पर छोटी होती है, जो बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान बनाती है। IPL में यहां कई हाई-स्कोरिंग मुकाबले देखने को मिले हैं और स्पिनरों को भी यहां काफी मार पड़ती है।
वानखेड़े स्टेडियम
मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम सिर्फ छोटी बाउंड्री के लिए ही नहीं, बल्कि रात में पड़ने वाली ओस के लिए भी जाना जाता है। यहां 60-70 मीटर की बाउंड्री के साथ गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है। नतीजा यह होता है कि दूसरी पारी में बल्लेबाजों के लिए काम और आसान हो जाता है।
HPCA स्टेडियम, धर्मशाला
धर्मशाला का HPCA स्टेडियम दिखने में भले ही बड़ा लगे, लेकिन यहां की ऊंचाई इसे बल्लेबाजों के लिए खास बना देती है। यहां गेंद हवा में ज्यादा दूर तक जाती है, जिससे बड़े-बड़े छक्के देखने को मिलते हैं। बाउंड्री भी बहुत बड़ी नहीं है, इसलिए यहां आड़ा-टेढ़ा शॉट भी कई बार सीधे दर्शकों के बीच पहुंच जाता है।
ईडन गार्डंस
कोलकाता का ईडन गार्डंस किसी समय बड़ी बाउंड्री वाला माना जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। स्क्वेयर बाउंड्री तो काफी छोटी है। ऐसे में बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान होता है। यहां की तेज आउटफील्ड भी बल्लेबाजों का साथ देती है। 60 से 70 मीटर की बाउंड्री पर रनों की बारिश होती है।












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