IPL 2023 : कमेंट्री से समय निकाल कर रवि शास्त्री बेटी आलेका संग घूमने गये बांदीपुर टाइगर रिजर्व
आलेका 15 साल की हैं और अपनी मां के साथ रहती है। रवि शास्त्री पत्नी से अलग हो चुके हैं लेकिन अपनी बेटी आलेका से बहुत प्यार करते हैं। इस बार वे बेटी के साथ बांदीपुर टाइगर रिजर्व घूमे।

IPL-2023 Ravi Shastri : वैसे तो रवि शास्त्री आइपीएल 2023 में कमेंट्री कर रहे हैं लेकिन इस बीच उन्होंने बांदीपुर टाइगर रिजर्व घुमने का भी मौका निकाल लिया। उन्होंने क्रिकइनफो के पत्रकार रौनक कपूर को दिये इंटरव्यू में इस बात का खुलास किया। रवि शास्त्री के साथ उनकी बेटी आलेका भी थीं। मालूम हो कि आलेका अब 15 साल की हैं और वे अपनी मां ऋतु सिंह के साथ रहती है। ऱवि शास्त्री और उनकी पत्नी अब अलग-अलग रहते हैं। लेकिन रवि शास्त्री अपनी बेटी आलेका से बहुत प्यार करते हैं। वे उन्हें अक्सर घुमाने के लिए कहीं बाहर ले जाते हैं। अप्रैल 2022 में शास्त्री अपने परिवार के साथ मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व घुमने गये थे और वहीं करीब एक सप्ताह तक रुके थे।
रवि शास्त्री के क्रिकेटर दोस्त जो हैं पूर्व नवाब
बांदीपुर कर्नाटक में है और यहां का टाइगर रिजर्व काबिनी नदी के किनारे है। दरअसर रवि शास्त्री के पुराने क्रिकेटर साथी साद बिन जंग काबिनी नदी के किनारे वाइल्ड लाइफ रिसोर्ट चलाते हैं और वे अपने पूरे परिवार के साथ वहीं रहते हैं। पूर्व क्रिकेटर साद बिन जंग अब एक वन्य संरक्षणवादी बन चुके हैं। वे हैदराबाद के नवाब खानदान से ताल्लुक रखते हैं और सीनियर नवाब पटौदी के भांजा हैं। साद बिन जंग हैदराबाद के लिए रणजी ट्राफी खेल चुके हैं। उन्होंने हरियाणा का भी प्रतिनिधित्व किया है। 1978 में जब वेस्टइंडीज की टीम आयी थी तब उसका भारत की अंडर-22 टीम से एक मैच हुआ था। इस मैच में साद बिन जंग ने मैलकम मार्शल, सिलवेस्टर क्लार्क और वेनबर्न होल्डर जैसे तेज गेंदबाजों का सामना करते हुए 58 रन बनाये थे। इसके दो सप्ताह ही बाद वेस्टइंडीज के साथ दक्षिण क्षेत्र का एक अभ्यास मैच हुआ। इस मैच में साद बिन जंग ने 113 रनों की पारी खेली थी। उस समय उन्हें भारतीय टेस्ट टीम का संभावित खिलाड़ी माना जाता था। रवि शास्त्री भी तब मुम्बई से क्रिकेट खेलते थे। घरेलू प्रतियोगिताओं के दौरान दोनों की अक्सर मुलाकात होती थी जो बाद में दोस्ती में बदल गयी।
बांदीपुर टाइगर रिजर्व पहुंचे रवि शास्त्री
रवि शास्त्री ने कहा, मैं अपने एक पुराने मित्र से मिल कर बहुत खुश हुआ। उन्हें मैं प्यार से नवाब साद बिन जंग कहता हूं। मेरे लिए यह हमेशा प्रेरणदायी रहा है कि एक पूर्व क्रिकेट जो अब भारत में वन संरक्षण के लिए अभियान चला रहा है। सबसे खास बात ये कि वह सब कुछ अपने बलबूते पर कर रहा है। शहर की नवाबी जिंदगी छोड़ कर वह जंगल में वन्य जीव संरक्षण को प्रमोट कर रहा है। ये बहुत बड़ी बात है। आइपीएल 2023 की कमेंट्री कर रहे रवि शास्त्री ने इस महीने के शुरू में बांदीपुर टाइगर रिजर्व घूमने की योजना बनायी। ये ट्रिप उन्होंने अपनी बेटी आलेका के लिए चुनी। दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में बांदीपुर टाइगर रिजर्व का दौरा किया था। इसके बाद इस स्थान की खूब चर्चा हुई।
रवि शास्त्री ने अपने पुराने मित्र साद बिन जंग को फोन किया और उनके वाइल्डलाइफ रिसोर्ट में अपने परिवार के रहने के लिए कमरा बुक कराया। वे वहां तीन दिनों तक रहे। अपने पुराने क्रिकेटर मित्र से दिल खोल कर बाते कीं। जंगल में घूम कर वन्य जीवों के विचरण का आनंद उठाया।
IPL 2023 के उद्घाटन मैच के टॉस की कमेंट्री
आइपीएल 2023 का जो उद्घाटन मैच हुआ था उसके टॉस की कमेंट्री के लिए रवि शास्त्री ही मैदान पर आये थे। वैसे तो शास्त्री को क्रिकेटिंग नॉलेज के लिए जाना जाता है लेकिन उस दिन उन्होंने गुजरात टाइटंस के नाम का गलत उच्चारण कर दिया। गुजरात टाइटंस कहने की बजाय उन्होंने गुजरात जाएंट्स कह दिया। दरअसल गुजरात जाएंट्स वीमेंस प्रीमियर लीग की टीम थी। इस बात को लेकर रवि शास्त्री सोशल मीडिया पर ट्रोल भी हुए थे।
बेटी आलेका से गहरा जुड़ाव
रवि शास्त्री के व्यक्तिगत जीवन में चाहे जितनी भी परेशानियां रहीं हों लेकिन उनका अपनी बेटी आलेका से गहरा जुड़ाव हैं। वे उसे खुश करने का कोई मौका नहीं चूकते। 1985 में भारत ने बेंसन एंड हेजेज विश्व चैंपियनशिप जीती थी। इसे मिनी वर्ल्ड कप का नाम दिया गया था। रवि शास्त्री इस प्रतियोगिता के मैन ऑफ द सीरीज चुने गये थे और उन्हें इनाम के रूप में एक ऑडी कार (ऑडी-100) मिली थी। उस समय भारत में आने वाली यह पहली ऑडी कार थी। इसे देखने के लिए भारी भीड़ जमा हो गयी थी। भारत ने चूंकि फाइनल में पाकिस्तान को हरा कर यह प्रतियोगिता जीती थी
इसलिए इसका भावनात्मक महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया था। पूरी दुनिया में भारत का नाम हुआ था इसलिए तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने आस्ट्रेलिया से यह कार लाने के लिए आयात शुल्क माफ कर दिया था। 2022 में 37 साल इस पुरानी कार को उद्योगपति गौतम सिंघानिया के सुपर कार क्लब गैरेज ने पुराना लुक दिया था। इसके लिए करीब 8 महीने तक मेहनत करनी पड़ी थी। जब गौतम सिंघानिया ने पुराने लुक में ये कार रवि शास्त्री को सौंपी तो वे भावुक हो गये। फिर उन्होंने अपनी बेटी आलेका को बुलाया और उन्हें यह ऐतिहासिक कार दिखायी। आलेका ने पहली बार ये कार देखी थी। जब शास्त्री ने आलेका को इस कार में बैठा कर घुमाया तो उन्हें 1985 को वो यादगार लम्हा याद आ गया।












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