IPL-2022 : मल्टी-स्टारर ‘गुजरात टाइटंस’ का मेगा हिट शो, हर मैच में मिला नया हीरो
नई दिल्ली। आईपीएल 2022 में इस साल पहली बार खेल रही गुजरात टाइटंस की टीम इस प्रतियोगिता में महाशक्ति बन कर उभरी है। सीवीसी कैपिटल पार्टनर्स (लक्जमबर्ग की निवेश सलाहकार फर्म) की मालिकाना हक वाली इस टीम ने अपने प्रदर्शन से सबका मन मोह लिया है। कोच आशीष नेहरा के गुरूमंत्र और कप्तान हार्दिक पांड्या के कौशल ने गुजरात टाइटंस को एक नयी ऊंचाई पर पहुंचाया। इस टीम ने अब तक खेले 15 मैचों में से 11 जीते हैं। पहला क्वालीफायर जीत कर वह फाइनल में पहुंच गयी है। वह किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है। गुजरात की टीम मैच दर मैच जीतती रही और उसकी जीत के हीरो बदलते रहे।

कोई एक धुरंधर फेल हुआ तो किसी दूसरे ने आक्रमण का मोर्चा संभाल लिया। हार्दिक पांड्या, डेविड मिलर, राहुल तेवतिया, राशिद खान, मोहम्मद शमी ने अलग अलग मैचों में अपने लाजवाब खेल से नतीजों का रुख मोड़ दिया। गुजरात टाइटंस सही मायने में हीरोज-11 है। टीम का बेमिसाल संयोजन ही उसकी ताकत है।

गुजरात की जीत के कई नायक
गुजरात टाइटंस ने पहला मैच लखनऊ सुपर जाइंट्स के साथ 28 मार्च को खेला था। लखनऊ ने दीपक हुड्डा के 55 और आयुष बडोनी के 54 रनों की दम पर 20 ओवर में छह विकेट पर 158 रन बनाये थे। मोहम्मद शमी ने चार ओवर में 25 रन देकर 3 विकेट लिये थे। इसके जवाब में गुजरात की शुरुआत बहुत खराब रही। शुभमन गिल जीरो पर आउट हो गये। इसके बाद हार्दिक, मैथ्यू वेड और विजय शंकर भी डगआउट में लौट गये। गुजरात की टीम 12वें ओवर में 78 रन पर चार विकेट गंवा कर संघर्ष कर रही थी। तब मिलर और राहुल तेवतिया ने मोर्चा संभाला। दोनों के बीच 60 रनों की साझदारी हुई।
138 के स्कोर पर मिलर 21 गेदों में 30 रन बना कर आउट हो गये। संकट की इस घड़ी में राहुल तेवतिया हीरो बन कर उभरे। उन्होंने अपने खेल से दिखाया कि गुजरात ने क्यों उन्हें 9 करोड़ रुपये में खरीदा है। तेवतिया ने दीपक हुड्डा और रवि विश्वनोई की 15 गेंदों पर ताबड़तोड़ 30 रन बनाये। उन्होंने स्लॉग स्वीप और रिवर्स स्वीप से छक्का मार कर लखनऊ के खेमे में हलचल मचा दी। तेवतिया को अभिनव मनोहर का साथ मिला जिन्होंने 7 गेंदों पर 15 रन बनाये। गुजरात ने दो गेंद रहते जीत का लक्ष्य हासिल कर लिया। तेवतिया ने 24 गेंदों पर 40 रन बना कर जीत में अङम भूमिका निभायी।

फर्ग्यूसन और तेवतिया का कमाल
गुजरात के दूसरे मैच में जीत के हीरो बदल गये। इस बार शुभमन गिल ने बैटिंग में और लॉकी फर्ग्यूसन ने बॉलिंग में कमाल किया। दिल्ली कैपिटल्स से मुकाबला था। गिल के 84 रनों के दम पर गुजरात ने 171 रन बनाये। जब दिल्ली की पारी शुरू हुई तो 150 किलोमाटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले फर्ग्यूसन ने तहलका मचा दिया। उन्होंने ऋषभ पंत को 43 पर आउट कर दिल्ली की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। फर्ग्यूसन ने चार ओवरों में 28 रन देकर चार विकेट लिये। इस तूफानी ब़ॉलिंग की वजह से दिल्ली की पारी 157 रनों पर ही थम गयी। लगातार दूसरा मैच जीतने के बाद गुजरात का आत्मविश्वास बुलंदी पर पहुंच गया। गुजरात ने पंजाब के खिलाफ अपना तीसरा मैच भी जीता। इस मैच के असल हीरो राहुल तेवतिया रहे। शुभमन गिल ने जरूर 96 रन बनाये लेकिन जीत का सेहरा बांधा तेवतिया ने। पंजाब ने 189 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया था।
आखिरी ओवर में गुजरात को जीत के लिए 19 रन चाहिए थे। मिलर और हार्दिक मैदान पर थे। 20वें ओवर की पहली गेंद वाइड हो गयी। दूसरी गेंद पर हार्दिक रन आउट हो गये। तेवतिया मैदान पर उतरे। गुजरात की हालत खराब थी। गुजरात को अंतिम दो गेंदों पर 12 रन चाहिए थे। स्ट्राइक तेवतिया के पास थी। 20वें ओवर की अंतिम दो गेंदों पर लगातार छक्का मारना बहुत कठिन था। एक गेंद पर भी छक्का चूकने का मतलब था गुजरात की हार। लेकिन तेवतिया असाधारण क्षमता का परिचय देते हुए पांचवीं और छठी गेंद पर छक्का लगा दिया। इस तरह गुजरात ने हारती हुई बाजी जीत ली। अगर तेवतिया ने ये पारी नहीं खेली होती तो गिल के 96 रन किसी काम के नहीं रहते।

वक्त आया तो अल्जारी जोसेफ ने भी कमाल किया
गुजरात को चौथे मैच में हैदराबाद से हार मिली। पांचवें मैच में गुजरात ने राजस्थान रॉयल्स को 37 रनों से हराया। इस मैच के हीरो गुजरात के कप्तान हार्दिक पांड्या रहे। उन्होंने 52 गेंदों पर नाबाद 87 रन बनाये थे। छठे मैच में गुजरात ने चेन्नई सुपर किंग्स को 3 विकेट से हराया। इस मैच के हीरो रहे डेविड मिलर। उन्होंने 51 गेंदों पर 94 रनों की धुआंधार पारी खेली। इस जीत के सहनायक थे राशिद खान उन्होंने 21 गेंदों पर 40 रन बनाये। इसके बाद गुजरात और कोलकाता के बीच कांटे का मुकाबला हुआ। गुजरात ने अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर 158 रनों के छोटे स्कोर की रक्षा कर ली।
कोलकाता को अंतिम ओवर में जीत के लिए 18 रनों की दरकार थी। क्रीज पर आंद्रे रसेल थे। उनके लिए ये आसान काम था। गुजरात की तरफ से अल्जारी जोसेफ आखिरी ओवर फेंक रहे थे। रसेल ने 20वें ओवर की पहली ही गेंद पर छक्का जमा दिया। रसेल का यह रूप देख गुजरात खेमे में खलबली मच गयी। लेकिन अल्जारी जोसेफ गुजरात के नये तारणहार बन कर उभरे। उन्होंन दूसरी गेंद पर रसेल को कैच आउट करा दिया। रसेल के आउट होते ही कोलकाता की उम्मीदों पर पानी फिर गया। अंतिम ओवर में सिर्फ 9 रन बने। इस तरह गुजरात 8 रनों से यह मैच जीत गया।

37 साल के साहा बने जीत के नायक
15 मई को गुजरात और चेन्नई के बीच मैच हुआ था। इस मैच में गुजरात के नये हीरो बने 37 साल के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिंमान साहा। उन्होंने 57 गेदों में 67 रनों की नाबाद पारी खेली और गुजरात को 7 विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभायी। 24 मई को गुजरात और राजस्थान के बीच खेले गये पहले क्वालीफायर मैच में एक बार पिर रोमांच चरम पर पहुंच गया था। गुजरात को अंतिम ओवर में जीतने के लिए 16 रन चाहिए थे। स्ट्राइक पर मिलर थे। उन्होंने शुरू की तीन गेंदों पर लगातार छक्का मार कर मैच गुजरात की झोली में डाल दी। यानी गुजरात की टीम किसी एक खिलाड़ी के भरोसे नहीं रही। हर मुश्किल वक्त ने अलग-अलग खिलाडियों ने जीत की पटकाथा लिखी।












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