Sponsor History: टीम इंडिया की जर्सी पर दिखे जो नाम वही हुए गायब, 25 साल के सफर की हैरान करने वाली कहानी
Indian Cricket Team Sponsor History: एशिया कप 2025 से पहले भारतीय टीम ने ड्रीम 11 के साथ स्पॉन्सरशिप का करार खत्म कर दिया है। सोमवार 25 अगस्त को बीसीसीआई ने ड्रीम 11 से अलग होने की खबर की पुष्टि की। भारतीय टीम को जल्द ही नया स्पॉन्सर मिल सकता है। ऐसा करने के लिए कई कंपनियों ने अपनी इच्छा जाहिर की है।
टीम के साथ जुड़ने के लिए बेकरार ब्रांड्स (Indian Cricket Team Sponsor History)
भारतीय क्रिकेट टीम के साथ जुड़ना किसी भी ब्रांड्स के लिए सपना होता है। करोड़ों फैंस, अनगिनत नज़रें और देश की सबसे बड़ी मार्केटिंग डील। ऐसे में कौन नहीं चाहेगा अपनी कंपनी का लोगो टीम इंडिया की नीली जर्सी पर नजर आए? लेकिन हकीकत यह है कि ये डील कई बार ब्रांड्स के लिए नुकसानदायक साबित हुई है। जी हां आपको सुनने में ये थोड़ा अजीब जरूर लगेगा, लेकिन ये सच है।

ड्रीम 11 का छूटा साथ
इतिहास गवाह है कि जिसने भी टीम इंडिया की जर्सी स्पॉन्सरशिप ली, उसके लिए मुश्किलें बढ़ गईं। कुछ ही दिन पहले सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन बिल 2025 पास किया। इस कानून के बाद पैसे वाले ऑनलाइन गेम बैन हो गए, और ड्रीम 11 की नींव हिल गई। यह वही कंपनी है जिसने 2023 में BCCI के साथ 358 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था।
इन कंपनियों की डूबी लुटिया
लेकिन ड्रीम 11 अकेला नहीं है। सहारा ने 2001 में टीम इंडिया की जर्सी संभाली, लेकिन 2011 आते-आते कंपनी पर आर्थिक संकट और कानूनी शिकंजा कस गया। उसके मालिक को जेल तक जाना पड़ा। इसके अलावा स्टार इंडिया ने 2014 से 2017 तक क्रिकेट पर राज किया, बाद में एंटीट्रस्ट जांच और घाटे में फंस गया। ओप्पो ने धमाकेदार एंट्री की, लेकिन भारत-चीन तनाव के बाद कंपनी को बैकफुट पर जाना पड़ा।
बायजू का हुआ बुरा हाल
इन सबके अलावा Byju's जो कभी भारत की सबसे बड़ी एडटेक कंपनी मानी जा रही थी। बायजू ने टीम इंडिया और FIFA तक में स्पॉन्सरशिप की। लेकिन आज कर्ज और केसों के बोझ तले डूब चुकी है। जर्सी स्पॉन्सरशिप मिलने के साथ ही कंपनियां अक्सर इतनी बड़ी डील साइन कर लेती हैं कि खुद को आर्थिक दबाव में डाल देती हैं। ऊपर से सरकारी नियम, मार्केट की अनिश्चितता और बिज़नेस में जोखिम इन्हें डुबो देते हैं।












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