IND vs SL: पिंक बॉल टेस्ट में श्रेयस अय्यर ने रचा इतिहास, ऐसा करने वाले पहले बल्लेबाज बने
नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच खेली जा रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मैच डे नाइट प्रारूप में बेंगलुरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जा रहा है, जहां पर भारतीय टीम एक और क्लीन स्वीप की ओर बढ़ती नजर आ रही है। अभी पिंक बॉल टेस्ट मैच का दूसरा दिन ही समाप्त हुआ है और भारतीय टीम को इस मैच में जीत के लिये बस 9 विकेट की दरकार रह गई है। भारतीय टीम ने पहली पारी में श्रेयस अय्यर (92) की जुझारू पारी के दम पर 252 रनों का स्कोर खड़ा किया था, जिसके जवाब में श्रीलंका की टीम 109 रन ही बना पायी थी।

भारतीय टीम ने दूसरी पारी में 9 विकेट खोकर 303 रन बनाये और पारी घोषित कर दी। पहली पारी में 143 रन की बढ़त के चलते भारतीय टीम ने श्रीलंका के सामने 447 रनों का स्कोर खड़ा कर दिया। वहीं श्रीलंका की टीम ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक एक विकेट के नुकसान पर 28 रन बना लिये हैं।

ऐसा करने वाले पहले भारतीय बने अय्यर
जिस पिच पर श्रीलंकाई बल्लेबाज रन बनाने में नाकाम नजर आये हैं वहीं पर भारतीय टीम के लिये रोहित शर्मा (46), ऋषभ पंत (50) और श्रेयस अय्यर (67) ने एक अलग तरह का क्रिकेट खेला और टीम को एक विशाल स्कोर तक पहुंचाने का कारनामा किया। पहली पारी में भारतीय टीम के लिये शानदार बल्लेबाजी करने वाले श्रेयस अय्यर दूसरी पारी में भी बेहतरीन लय में नजर आये और बेंगलुरू की मुश्किल पिच पर 92 रन की पारी खेलने के बाद दूसरी पारी में भी 67 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। इसके साथ ही श्रेयस अय्यर भारत के लिये पिंक बॉल टेस्ट की दोनों पारियों में अर्धशतक जड़ने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गये हैं।

इस फेहरिस्त में अय्यर हुए शामिल
इससे पहले पिंक बॉल टेस्ट की दोनों पारियों में अर्धशतक लगाने का कारनामा वेस्टइंडीज के बल्लेबाज डैरेन सैमी ने 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ दुबई में खेले गये पिंक बॉॉल टेस्ट मैच में 87 और 116 रनों की पारी खेली थी। वहीं ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ ने पाकिस्तान(130 और 63 बनाम पाकिस्तान, 2016) और मार्नस लाबुशेन का नाम भी शामिल है। मार्नस लाबुशेन इकलौते क्रिकेटर हैं जिसने यह कारनामा दो बार करके दिखाया है। लाबुशेन ने 2019 मे पर्थ के मैदान पर खेले गये टेस्ट मैच में (103 और 51) रन की पारियां खेली थी।

शतक से कम नहीं है यह पारी
गौरतलब है कि भले ही ऐसा देखने में लगा हो कि अय्यर अपने शतक को पूरा करने से चूक गये लेकिन खुद इस युवा बल्लेबाज ने इस बात को स्वीकार किया है कि उनकी यह पारी उन्हें किसी शतक से कम नहीं लग रही है।
उन्होंने कहा,' निजी तौर पर मुझे यह अर्धशतक अपने शतक की तरह लगा और यही वजह थी कि मैंने उस तरह से जश्न मनाया। मेरे लिये यह शतक से कम नहीं थी। आपने उन सभी खिलाड़ियों को देखा जो गेंद को डिफेंड कर रहे थे, वहां पर बहुत सारे किनारे लग रहे थे और विकेट पर काफी असमतल उछाल था। आप पूरी तरह से नकारात्मक सोच के साथ नहीं खेल सकते हैं और आपको गेंद को बस डिफेंड करते रहना पड़ता है। यह पिच बल्लेबाजों के लिये कुछ खास नहीं है और गेंदबाजों की मददगार हैं। जब आप यहां पर खेलते हैं तो आपको बहुत ज्यादा धैर्य रखना पड़ता है।'












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