आर अश्विन को अनिल कुंबले का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए सिर्फ 3 सीजन की जरूरत, पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह का दावा
India vs Bangladesh, 1st Test R Ashwin: चेन्नई में बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के दौरान भारत की तरफ से रविचंद्रन अश्विन ने न केवल शतक बनाया बल्कि दूसरी पारी में छह विकेट भी लिए। इस प्रदर्शन ने उनका स्थान टीम इंडिया के लिए एक बेहतरीन टेस्ट ऑलराउंडर के रूप में और पक्का कर दिया है। मुश्किल शुरुआत का सामना करने के बावजूद जब भारत ने 144 रन पर 6 विकेट खो दिए तो अश्विन के शतक ने बाजी पलट दी और भारत की मैच में वापसी कराई।
गेंद से भी दिखाया कमाल
भारत की तरफ से जीत के नायक रहे आर अश्विन ने दूसरी पारी में गेंद से भी कमाल किया और 6 विकेट झटक लिए। जिसकी बदौलत इस मुकाबले का नतीजा चौथे दिन ही निकला। लंच से पहले बांग्लादेश की टीम 234 रनों पर ढेर हो गई और इस तरह भारत ने 280 रनों से पहले टेस्ट मैच पर कब्जा जमा लिया। भारत की तरफ से पहली पारी में जसप्रीत बुमराह ने सबसे ज्यादा चार विकेट लिए थे। जबकि दूसरी पारी में अश्विन ने गेंद से कहर बरपाने का काम किया।

पूर्व भारतीय स्पिनर मनिंदर सिंह ने कही ये बात
पूर्व भारतीय स्पिनर मनिंदर सिंह ने अश्विन की प्रशंसा करते हुए कहा कि अश्विन के करियर को देखते हुए नियमित रूप से विकेट लेने की उनकी क्षमता खासकर स्पिन के अनुकूल परिस्थितियों में प्रेरणा देती है। अश्विन का प्रदर्शन उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और खेल के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण रहा है। रविवार को अश्विन के गढ़ चेन्नई में बांग्लादेश को 280 रनों से हराने के कुछ घंटों बाद मनिंदर ने मायखेल से बातचीत की।
बेहतर से बेहतरीन हो रहे हैं अश्विन
हमारे साथी वेबसाइट मायखेल से बातचीत करते हुए मनिंदर सिंह ने कहा कि देखिए अपने टेस्ट करियर के अंतिम चरण में अश्विन किस तरह से बेहतर हो रहे हैं। यह वाकई प्रेरणास्रोत है। अश्विन को एक अनूठा दावेदार बनाने वाली बात सिर्फ उनकी गेंदबाजी ही नहीं है, बल्कि बल्ले से उनका योगदान और उनका उच्च क्रिकेटिंग आईक्यू है, जिसने उन्हें अपने करियर को लंबा करने में मदद की है।
तोड़ सकते हैं कुंबले का रिकॉर्ड
अपनी बात को आगे जारी रखते हुए मनिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने बार-बार साबित किया है कि वह चुनौतियों का सामना कर सकते हैं, इसलिए कुंबले के रिकॉर्ड को पार करना उनके लिए मुश्किल नहीं है। उन्हें ऐसा करने के लिए बस तीन अच्छे सीजन की जरूरत है। हालांकि, अपनी शारीरिक फिटनेस को बनाए रखना और लगातार प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना खासकर विदेशी परिस्थितियों में निर्णायक कारक होंगे। अनिल कुंबले के 619 विकेट के रिकॉर्ड को पार करने के लिए अश्विन को आने वाले मुकाबलों में भी दमदार प्रदर्शन करते रहना होगा।












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