Independence Day: क्रिकेट से लेकर हॉकी तक, आजादी के बाद कितनी बदली भारतीय खेल की दुनिया
Independence Day Special: आजादी के बाद से खेलों में भारत की यात्रा सराहनीय रही है। भारत आजादी की अपनी 78वीं वर्षगांठ मनाने को तैयार है। आजादी से लेकर अब तक भारत ने खेल के क्षेत्र में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की है। ओलंपिक मेडलों से लेकर क्रिकेट और हॉकी तक में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन जबरदस्त रहा है।
हॉकी में मिला था गोल्ड
1940 के दशक के आखिर में भारत ने 1948 के लंदन ओलंपिक में ब्रिटेन को हराकर हॉकी में गोल्ड मेडल जीता था। यह जीत इसलिए अहम थी क्योंकि यह विभाजन के बाद राष्ट्रीय उथल-पुथल के दौर में मिली थी। इस जीत ने देश को बहुत गौरव दिलाया।

मिल्खा सिंह ने बदला नजरिया
1950 के दशक में भारत की खेल प्रतिभा का प्रदर्शन हुआ। जिसमें मिल्खा सिंह एक स्टार के रूप में उभरे। हालांकि वे रोम में ओलंपिक मेडल जीतने से चूक गए। लेकिन उन्होंने 1958 के राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड मेडल जीता। इसके अलावा भारत ने 1956 के मेलबर्न ओलंपिक में हॉकी में गोल्ड मेडल जीता और फुटबॉल के सेमीफाइनल में पहुंचा। साल 1952 में भारत ने चेन्नई में अपनी पहली टेस्ट मैच जीत का जश्न मनाया।
1960 के दौरान हुआ खेलों का विस्तार
1960 के दशक में भारत ने खेलों में अपना विस्तार किया। मंसूर अली खान पटौदी की कप्तानी में भारत ने 1968 में पहली बार विदेशी टेस्ट सीरीज जीती। भारतीय फुटबॉल टीम ने 1962 में जकार्ता एशियाई खेलों में भी गोल्ड मेडल जीता। 1964 के ओलंपिक में पाकिस्तान पर जीत के साथ हॉकी ने अपनी चमक जारी रखी।
70 के बाद क्रिकेट का जलवा
1970 के दशक की शुरुआत में अजीत वाडेकर के नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट का एक नया युग शुरू हुआ। टीम इंडिया ने 1971 में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड को उनके घरेलू मैदानों पर हराया। इस दौरान सुनील गावस्कर क्रिकेट के स्टार के रूप में उभरे। साल 1970 से 1980 तक का समय भारतीय खेलों के लिए मिला-जुला रहा। 1974 में रंगभेद नीतियों के कारण भारत ने डेविस कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका का बहिष्कार किया। टेनिस स्टार विजय अमृतराज विंबलडन क्वार्टर फाइनल में पहुंचे, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।
कपिल देव ने जीता पहला वर्ल्ड कप
1983 भारतीय खेल प्रेमियों के लिए यादगार रहा। कपिल देव की अगुआई में भारत ने पहली बार क्रिकेट विश्व कप जीता था। इस जीत को आज भी देश के लिए बेहद गर्व के पल के तौर पर मनाया जाता है। 1990 के दशक में जश्न मनाने के और भी कारण सामने आए, जब 1996 में अटलांटा ओलंपिक में लिएंडर पेस ने कांस्य पदक जीता और महेश भूपति ने टेनिस में बेहतरीन प्रदर्शन किया। जगमोहन डालमिया आईसीसी के अध्यक्ष बने, जिससे विश्व क्रिकेट में भारत का प्रभाव बढ़ा।
क्रिकेट में बढ़ा भारत का दबदबा
2007 और 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने वानखेड़े स्टेडियम में फिर से क्रिकेट विश्व कप जीतकर अपने क्रिकेट इतिहास में एक और गौरवशाली अध्याय जोड़ दिया। इसके अलावा साल 2024 में भारत ने रोहित शर्मा की कप्तानी में टी-20 वर्ल्ड कप पर कब्जा जमाया। क्रिकेट के अलावा पेरिस ओलंपिक में भारत की तरफ से मनु भाकर और नीरज चोपड़ा ने कमाल किया। नीरज चोपड़ा ने पेरिस ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता। इससे पहले टोक्यो ओलंपिक 2020 में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड पर कब्जा जमाया था।












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