IND-W vs SA-W: शेफाली वर्मा ने पिता से जो कहा वो कर दिखाया, वर्ल्ड कप फाइनल में इतिहास रच किया कमाल
Womens World Cup, IND W vs SA W: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने आखिरकार वह कर दिखाया जिसका इंतजार देश को 52 सालों से था। महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से शानदार तरीके से हराकर अपना पहला वर्ल्ड कप खिताब जीत लिया है। नवी मुंबई के डी. वाई. पाटिल स्टेडियम में टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट पर 298 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 246 रनों पर ऑल आउट हो गई।
दीप्ति शर्मा और शेफाली वर्मा रहीं जीत की हीरो (Womens World Cup, IND W vs SA W)
इस ऐतिहासिक जीत की दो सबसे बड़ी हीरो रहीं दीप्ति शर्मा और युवा सनसनी शेफाली वर्मा। अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने गेंद से जादू बिखेरा और 5 विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी। दूसरी ओर शेफाली वर्मा ने बल्ले और गेंद दोनों से कमाल दिखाया। उन्होंने 87 रनों की धुआंधार पारी खेलने के साथ-साथ 2 महत्वपूर्ण विकेट भी झटके।

शेफाली वर्मा ने रचा इतिहास
उनके इस शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। हालांकि, द. अफ्रीका की कप्तान एल. वोल्वार्ट की 101 रन की जुझारू शतकीय पारी भी उनकी टीम को जीत नहीं दिला सकी। शेफाली वर्मा की 87 रनों की पारी सिर्फ शानदार नहीं थी, बल्कि ऐतिहासिक थी। सिर्फ 21 साल और 278 दिन की उम्र में अर्धशतक जड़कर, शेफाली वर्ल्ड कप फाइनल (महिला या पुरुष) में अर्धशतक बनाने वाली सबसे युवा बल्लेबाज बन गईं।
पिता से किया वादा निभाया
इतना ही नहीं, वह वर्ल्ड कप फाइनल में अर्धशतक जमाने वाली सिर्फ तीसरी भारतीय ओपनर बनीं। इससे पहले यह रिकॉर्ड पुरुष वर्ल्ड कप 2003 में वीरेंद्र सहवाग और महिला वर्ल्ड कप 2017 में पूनम राउत ने बनाया था। सेमीफाइनल में जल्दी आउट होने के बाद शेफाली ने अपने पिता से वादा किया था कि वह फाइनल में एक बड़ी पारी खेलेंगी, और इस युवा बल्लेबाज ने अपना वादा निभाया। भले ही वह 87 रन पर आउट होकर शतक से चूक गईं, लेकिन उनकी 78 गेंदों की इस पारी में 7 चौके और 2 छक्के शामिल थे, जिसने टीम इंडिया की जीत की नींव रखी।












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