अगला 'कपिल पाजी' बनने के लिए मीडियम पेस बॉलिंग करते थे अश्विन, अब तोड़ चुके हैं रिकॉर्ड
नई दिल्ली, 8 मार्च: भारत के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन महान कपिल देव के 434 टेस्ट विकेटों के रिकॉर्ड को तोड़ चुके हैं। इस अवसर पर रविचंद्रन अश्विन ने बताया कि वह एक बल्लेबाज बनना चाहते थे और बचपन में मीडियम पेस बॉलिंग करना करते थे क्योंकि वह अगले कपिल देव बनना चाहते थे। अश्विन ने अपने 85वें टेस्ट मैच में कपिल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है और अभी वे 35 साल के हैं और उनके आगे केवल अनिल कुंबले हैं जो 619 विकेट लेकर भारत के सर्वाधिक टेस्ट विकेट लेने वाले बॉलर बने हुए हैं।

मैं हमेशा एक बल्लेबाज बनना चाहता था
रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि मैं काफी हंबल महसूस कर रहा हूं। 28 साल पहले मैं तब कपिल पाजी के लिए तालियां बजा रहा था जब वे रिचर्ड हेडली के रिकॉर्ड को पार कर रहे थे। मैंने अपने किसी भी सपने में यह नहीं सोचा था कि मैं कपिल देव के रिकॉर्ड को तोड़ पाऊंगा क्योंकि मैं हमेशा एक बल्लेबाज बनना चाहता था और यह तब की बात है जब मैं 8 साल का था।

कपिल देव से पूरी तरह प्रभावित रहा बचपन-
अश्विन ने आगे कहा कि, 1994 में बल्लेबाजी मेरा जुनून हुआ करती थी। सचिन तेंदुलकर तब परिदृश्य पर उभर रहे थे और कपिल देव बॉल के बहुत बड़े स्ट्राइकर थे। कपिल देव के 434 विकेट 131 मैचों में आए हैं। दिग्गज अनिल कुंबले ने 132 मैचों में 619 विकेट लिए हैं। रविचंद्रन अश्विन केवल चौथे भारतीय गेंदबाज हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 400 से ज्यादा विकेट लिए हैं और वह दुनिया में सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में नौवें नंबर पर आ चुके हैं क्योंकि उन्होंने न्यूजीलैंड के महान रिचर्ड हेडली और श्रीलंका के रंगना हेरथ को भी कपिल देव के साथ-साथ पीछे छोड़ दिया है।

भारत के अगले 'कपिल पाजी' बनना चाहते थे-
अश्विन कहते हैं कि अपने पिता की सलाह पर वे मीडियम पेस बॉलिंग भी करते थे ताकि वे भारत के अगले कपिल पाजी बन सके। लेकिन यहां से उनका सफर ऑफ स्पिन की ओर मुड़ा और उन्होंने इतने सालों तक भारत के लिए खेला जो उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वह ऐसा कर पाएंगे। अश्विन कहते हैं मैं बहुत कृतज्ञ हूं और अपनी इस उपलब्धि पर बहुत संतुष्ट महसूस कर रहा हूं।












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