Weird World: एक देश के PM ने दूसरे देश के डिप्टी PM को किया डिपोर्ट, घुसपैठियों की तरह भगाया, कहां की है घटना?
Weird World: पड़ोसी देशों के बीच रिश्तों में कभी दोस्ती तो कभी तनाव चलता रहता है। लेकिन जब किसी देश के उप प्रधानमंत्री (Deputy Prime Minister) को दूसरे देश से वापस भेज दिया जाए, तो मामला सुर्खियां बनना तय है। ऐसा ही कुछ हुआ सोमालिया के दूसरे उप प्रधानमंत्री जिब्रिल अब्दिरशीद हाजी के साथ। केन्या ने उन्हें देश में एंट्री देने के बजाय वापस सोमालिया भेज दिया। वजह थी, उन पर संदिग्ध तरीके से केन्या का पासपोर्ट हासिल करने का आरोप।
एयरपोर्ट पर VIP नहीं, सीधे वेरिफिकेशन
24 जून 2026 को जिब्रिल अब्दिरशीद हाजी एक रेगुलर इंटरनेशनल फ्लाइट से नैरोबी के जोमो केन्याटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। उनके पास सोमालिया का वैध राजनयिक पासपोर्ट था और उस पर केन्या का वैध वीजा भी लगा था। पहली नजर में सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन इमिग्रेशन अधिकारियों ने जब उनके दस्तावेजों को बायोमेट्रिक और सरकारी डेटाबेस से मिलाया, तो सिस्टम ने ऐसा अलर्ट दिया जिसने पूरे एयरपोर्ट का माहौल बदल दिया।

सिस्टम बोला- "सर, एक पासपोर्ट और भी है!"
जांच में सामने आया कि सोमालियाई पासपोर्ट के अलावा हाजी के नाम पर केन्या का राष्ट्रीय पासपोर्ट भी दर्ज है। शुरुआती जांच में अधिकारियों को शक हुआ कि यह पासपोर्ट धोखाधड़ी या संदिग्ध तरीके से हासिल किया गया हो सकता है। केन्या के कानून के मुताबिक, अगर कोई विदेशी नागरिक गलत जानकारी देकर राष्ट्रीय पासपोर्ट हासिल करता है, तो इसे गंभीर अपराध माना जाता है। बस फिर क्या था, VIP प्रोटोकॉल की जगह सिक्योरिटी प्रोटोकॉल लागू हो गया।
"पासपोर्ट दिखाइए"... जवाब आया- "कोर्ट में दिखाऊंगा"
सुरक्षा एजेंसियों ने हाजी को पूछताछ के लिए अलग कमरे में ले जाकर सवाल पूछे। रिपोर्ट के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उन्होंने माना कि उनके पास केन्या का एक सक्रिय पासपोर्ट भी है। लेकिन जब अधिकारियों ने वह पासपोर्ट मांगा, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वह दस्तावेज सिर्फ अदालत के सामने ही पेश करेंगे। यानी मामला कुछ ऐसा हो गया कि सिक्योरिटी अधिकारी पासपोर्ट मांगते रहे और जवाब मिलता रहा- "कोर्ट में मिलिए!"
VIP लाउंज से सीधा वापसी का टिकट
जब मामला नहीं सुलझा, तो केन्या के गृह मंत्रालय और इमिग्रेशन अधिकारियों ने बड़ा फैसला लिया। हाजी को एयरपोर्ट के VIP लाउंज में ही रोक दिया गया और उनके लिए तुरंत मोगादिशु की वन-वे टिकट बुक कर दी गई।
इसके बाद 25 जून 2026 की सुबह उन्हें विशेष उड़ान से वापस सोमालिया भेज दिया गया। यानी इस बार एयरपोर्ट लाउंज से फ्लाइट का रास्ता छुट्टियों के लिए नहीं, बल्कि सीधे डिपोर्टेशन के लिए खुला।
दोनों देशों के रिश्तों पर पड़ सकता है असर
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब केन्या और सोमालिया पहले से ही सुरक्षा और सीमा से जुड़े कई मुद्दों पर साथ काम कर रहे हैं। दोनों देश लंबे समय से अल-शबाब जैसे आतंकी संगठन के खिलाफ मिलकर अभियान चलाते रहे हैं। केन्या में बड़ी संख्या में सोमाली मूल के लोग रहते हैं और दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग भी काफी अहम माना जाता है। ऐसे में सोमालिया के एक शीर्ष नेता पर इस तरह के आरोप लगना रिश्तों में नई असहजता पैदा कर सकता है।
अब सबकी नजर दोनों सरकारों पर
फिलहाल सोमालिया सरकार की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। वहीं केन्या की एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि अगर पासपोर्ट गलत तरीके से बनाया गया, तो उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं था। अब देखने वाली बात होगी कि सोमालिया अपने उप प्रधानमंत्री पर लगे आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और केन्या इस कथित पासपोर्ट मामले की जांच को कितना आगे ले जाता है।
फिलहाल इतना जरूर है कि इस बार एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारी किसी फिल्मी डायलॉग की तरह बोले होंगे- "पासपोर्ट दिखाइए"... और मामला सीधा इंटरनेशनल हेडलाइन बन गया!
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।














Click it and Unblock the Notifications