'मैं गुस्सा नहीं करता, यहां रोने से कुछ नहीं होगा', जसप्रीत बुमराह ने लचर फील्डिंग पर तोड़ी चुप्पी
IND vs ENG, 1st Test: हेडिंग्ले टेस्ट के तीसरे दिन जसप्रीत बुमराह ने एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से सभी का दिल जीत लिया। बुमराह ने इंग्लैंड की पहली पारी में 83 रन देकर 5 विकेट लिए और अपने टेस्ट करियर का 14वां पांच विकेट हॉल पूरा किया। इंग्लैंड की टीम 465 रन पर ऑलआउट हुई, जबकि भारत ने पहली पारी में 471 रन बनाए थे। भारत को महज 6 रन की बढ़त मिली।
बुमराह का नो-बॉल पर पड़ा भारी (IND vs ENG, 1st Test)
मैच में भारत को और भी मजबूत स्थिति में लाया जा सकता था, लेकिन खराब फील्डिंग ने मैच का रुख बदल दिया। इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक को भारत ने दो बार जीवनदान दिया, जिनमें से एक कैच खुद बुमराह की गेंद पर था। ब्रूक जब 0 पर थे, तभी उन्हें नो-बॉल पर आउट किया गया था, जो बुमराह की बड़ी गलती थी। इसके बाद उन्होंने शानदार 99 रन बनाए और भारत को बड़ा नुकसान हुआ।

खराब फील्डिंग ने बदला मैच का रुख
बुमराह की गेंदबाज़ी बेहद सटीक रही, लेकिन उनकी मेहनत को टीम के फील्डर्स ने कई बार बेकार किया। बुमराह ने इस बारे में भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि आप बैठकर रो तो नहीं सकते। सब युवा खिलाड़ी हैं और सीखने की प्रक्रिया में हैं। कोई जानबूझकर कैच नहीं छोड़ता। मैं उन पर गुस्सा नहीं करता क्योंकि मैं नहीं चाहता कि उन पर और ज़्यादा दबाव बने। ये खेल का हिस्सा है, लोग गलती से सीखते हैं।
वर्कलोड को लेकर दिया ये जवाब
उन्होंने यह भी बताया कि कैसे वह मानसिक रूप से खुद को इन परिस्थितियों में स्थिर रखते हैं। बुमराह ने कहा कि मैं उसे अपने सिर में ज्यादा देर तक नहीं रखता, भूलने की कोशिश करता हूं और आगे बढ़ता हूं। जब उनसे उनके वर्कलोड को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बहुत सहजता से जवाब दिया कि लोग बोलते रहते हैं। अब जाएगा, अब थक जाएगा। मैं पिछले 10-12 साल से क्रिकेट खेल रहा हूं। जब तक भगवान ने लिखा है, तब तक खेलता रहूंगा।
तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने अपनी दूसरी पारी में 2 विकेट खोकर 90 रन बना लिए थे और कुल बढ़त 96 रन की हो गई थी। केएल राहुल 47 रन और शुभमन गिल 6 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं। हालांकि भारत को मैच पर पकड़ बनाने के लिए अब चौथे दिन शानदार बल्लेबाज़ी और सटीक गेंदबाज़ी करनी होगी।












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