IND vs AUS: स्पिन ट्रैक पर संघर्ष से बचने के लिए गौतम गंभीर ने बल्लेबाजों को दी अहम सलाह
Spin Friendly Wicket: भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों के ही बल्लेबाजों ने मौजूदा टेस्ट सीरीज में संघर्ष किया है। इस पर गौतम गंभीर ने बल्लेबाजों के लिए सलाह दी है जो उनको ऐसी अहम सीरीज से पहले आजमानी चाहिए।

जिस तरह से भारत और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) दोनों ही टीमों के बल्लेबाजों ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (BGT) के शुरुआती तीन टेस्ट मैचों में संघर्ष किया है उससे सवाल खड़ा हो गया है कि दुनिया में बल्लेबाज स्पिन की मदद करने वाले ट्रैक पर बल्लेबाजी करना भूल चुके हैं? इंदौर टेस्ट में तो भारतीय टीम अपनी जमीन पर ही ढेर हो गई थी और कंगारूओं को जीत के लिए केवल 76 रनों का टारगेट दिया था। हालांकि शुरआती दो टेस्ट मैच बेहद खराब खेलने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने धीरे-धीरे वापसी की है और अब अहमदाबाद टेस्ट की पहली पारी से भी उनकी प्रोग्रेस को समझा जा सकता है।

कोई रेड बॉल प्रैक्टिस मैच नहीं खेला
इसका मतलब ये भी है कि जैसे जैसे सीरीज आगे बढ़ी है वैसे वैसे ऑस्ट्रेलिया को इन पिचों की आदत पड़ने का वक्त मिला है। अगर ये वक्त उनको सीरीज शुरू होने से पहले मिल जाता तो शायद उनकी शुरुआती दो टेस्ट मैचों में इतनी बुरी गत भी नहीं होती। यही बात भारत के लिए कही जा सकती है जिन्होंने सीरीज में आने से पहले सिर्फ सफेद गेंद क्रिकेट खेला। कोई रेड बॉल प्रैक्टिस मैच नहीं खेला। इसी वजह से पहले टेस्ट में शतक बनाने वाले कप्तान रोहित शर्मा के अपवाद के साथ, भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने श्रृंखला में रन बनाने के लिए काफी संघर्ष किया है।

श्रृंखला से पहले रणजी ट्रॉफी मैच खेले होते तो भारत को फायदा होता
चेतेश्वर पुजारा की 142 गेंदों में 59 रन बनाने के लिए सराहना की गई, लेकिन बाकी टॉप-5 बल्लेबाज फेल रहे। इस पर भारत के पूर्व बल्लेबाज गौतम गंभीर का कहना है कि शीर्ष बल्लेबाजों ने श्रृंखला से पहले रणजी ट्रॉफी मैच खेले होते तो भारत को फायदा होता। स्पोर्ट्स तक पर गंभीर से पूछा गया कि क्या भारतीय खिलाड़ियों को रणजी में खेलना चाहिए था। तो उनका जवाब था, "भारतीय बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले कुछ रणजी ट्रॉफी मैच खेलने चाहिए थे। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप 20 दिन का शिविर करते हैं या नेट्स में बल्लेबाजी करते हैं।

यह एक नकारात्मक मानसिकता है
गंभीर ने आगे कहा, "अभ्यास मैच नहीं खेलने की अपनी मानसिकता के कारण ऑस्ट्रेलिया पहले दो मैचों में संघर्ष कर रहा था। यह एक नकारात्मक मानसिकता है। भारतीय बल्लेबाजों की भी यही कहानी है। मैं बल्लेबाजों की बात कर रहा हूं, तेज गेंदबाजों को आराम की जरूरत होती है और वे ब्रेक ले सकते हैं। लेकिन बल्लेबाजों को रणजी ट्रॉफी में खेलने जाना चाहिए, शतक और दोहरा शतक बनाना चाहिए। महत्वपूर्ण सीरीज से पहले लाल गेंद से क्रिकेट खेलना बहुत जरूरी है।"
फिलहाल यही कह सकते हैं कि दो टेस्ट मैच हारने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने भारत को अभी तक पैरों की अंगुलियों पर खड़ा रखा है। अहमदाबाद टेस्ट के पहले दिन भी उन्होंने 4 विकेट खोकर 255 रन बना लिए हैं।
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