IND vs AUS: ऑस्ट्रेलिया को जडेजा की मुनादी - फिट हैं ! अब फायर के लिए तैयार
चोट से वापस आते ही जडेजा ने धमाकेदार खेल का प्रदर्शन करते हुए रणजी ट्रॉफी में 7 विकेट झटके हैं और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने को तैयार हैं।

IND vs AUS: सावधान ऑस्ट्रेलिया ! रवीन्द्र जडेजा ने मुनादी कर दी है कि वे फिट हैं और अब फायर के लिए तैयार हैं। पिछले पांच महीने से वे क्रिकेट से दूर थे। उनकी की यह गैरहाजिरी भारतीय टीम पर भारी पड़ गयी। पिछले साल एशिया कप और टी-20 विश्वकप में उनकी कमी शिद्दत से महसूस की गयी। क्रिकेट का कोई प्रारूप हो वे मैच विजेता खिलाड़ी हैं। वे हर परिस्थितियों में बैट, बॉल और फील्डिंग से कमाल दिखाने की काबिलियत रखते हैं। आमतौर पर कोई ऑलराउंडर बैट और बॉल से ही योगदान देता है। लेकिन जडेजा बैटिंग और बॉलिंग के अलावा फील्डिंग से भी मैच का रुख मोड़ देते हैं। वे क्षेत्ररक्षण से न केवल 15-20 रन बचाते हैं बल्कि डाइरेक्ट थ्रो से विकेट भी गिराते हैं। 2021 में जडेजा ने आइपीएल में सर्वाधिक रनआउट (22) का नया रिकॉर्ड बनाया था। समान रूप से ये तीन खूबियां अभी दुनिया के किसी आलराउंडर में नहीं है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप हो या एकदिवसीय विश्वकप, दोनों ही प्रतियोगिताओं के लिए वे भारत के ट्रंप कार्ड बन सकते हैं।
नम्बर 1 टेस्ट गेंदबाज, नम्बर 1 टेस्ट ऑलराउंडर रह चुके
मार्च 2022 की ही तो बात है। वे दुनिया के नम्बर एक टेस्ट ऑलराउंडर थे। वे वनडे के भी नम्बर एक गेंदबाज रह चुके हैं। 2017 में भी वे आइसीसी की रैंकिंग मे वर्ल्ड नम्बर एक ऑलराउंडर थे। मार्च 2017 में वह भी एक ऐतिहासिक पल था जब भारत के दो गेंदबाज संयुक्त रूप से दुनिया के नम्बर एक टेस्ट गेंदबाज थे। रवीन्द्र जडेजा और रविचन्द्रन अश्विन दोनों के 892 प्वाइंट थे और टेस्ट रैंकिंग में एक साथ पहले पायदान पर मौजूद थे। कुछ ही दिनों के बाद जडेजा ने अश्विन को पछाड़ कर अकेले नम्बर एक के स्थान पर कब्जा जमा लिया था। उस समय भी ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत आयी हुई थी। जडेजा ने यह उपलब्धि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट में हासिल की थी। 2017 का पहला टेस्ट भारत 333 रनों से हार गया था। लेकिन दूसरे टेस्ट में रवीन्द्र जडेजा ने घातक गेंदबाजी की थी। पहली पारी में 6 विकेट और दूसरी पारी में एक विकेट लिया था। अश्विन ने दूसरी पारी में 6 विकेट लिये थे। जडेजा और अश्विन की गेंदबाजी के कारण भारत यह टेस्ट 75 रनों से जीत गया था।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैन ऑफ द सीरीज चुन गये थे
सीरीज का तीसरा टेस्ट ड्रा रहा था। चौथे टेस्ट में रवीन्द्र जडेजा ने बल्लेबाजी में हाथ दिखाया। नम्बर 8 पर बैटिंग करने उतरे और 95 गेंदों पर 63 रनों की पारी खेली जिसमें 4 चौके और 4 छक्के शामिल थे। भारत के स्कोर 332 में सबसे बड़ा योगदान जडेजा का ही था। बैटिंग के बाद इस मैच में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में 3 विकेट भी लिये थे। उमेश यादव और अश्विन ने भी 3-3 विकेट लिये थे। भारत की इस शानदार बॉलिंग के आगे आस्ट्रलिया की टीम सिर्फ 137 पर ऑलआउट हो गयी थी। अब भारत को जीतने के लिए 106 रनों का लक्ष्य मिला था। दो विकेट के नुकसान पर भारत ने जीत का टारगेट हासिल कर लिया। जडेजा को ऑलराउंड खेल के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। 2017 की भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज में रवीन्द्र जडेजा ही मैन ऑफ द सीरीज चुने गये थे। भारत ने यह श्रृंखला 2-1 से जीती थी।
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जडेजा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए अहम
ऑस्ट्रेलिया की टीम फिर भारत आ रही है। 9 फरवरी से पहला टेस्ट मैच है। कुल चार टेस्ट मैच खेले जाने हैं। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में अभी ऑस्ट्रेलिया पहले और भारत दूसरे स्थान पर है। अगर भारत ऑस्ट्रेलिया को 3-1 से हरा देता है तो फाइनल में पहुंच सकता है। ऑस्ट्रेलिया हार कर भी फाइनल में जा सकता है। लेकिन इसका फैसला दो अन्य टेस्ट श्रृंखला के नतीजों से तय होगा। दक्षिण अफ्रीका-वेस्टइंडीज टेस्ट सीरीज 28 फरवरी से शुरू होगी जब कि श्रीलंका-न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज 9 मार्च से शुरू होगी। इन दो सीरीज के रिजल्ट से अंकतालिका पर बहुत बड़ा असर पड़ सकता है। अगर भारत ऑस्ट्रेलिया को 3-1 से नहीं हरा पाता है तो उसे इन चार टीमों की हार-जीत पर निर्भर रहना पड़ेगा। ऑस्ट्रेलिया को 3-1 से हराना आसान नहीं है। वह भी तब जब टीम में जसप्रीत बुमराह नहीं होंगे। टेस्ट मैच जीतने के लिए 20 विकेट लेने जरूरी हैं। ऐसी स्थिति में सबकी निगाहें रवीन्द्र जडेजा पर रहेंगी। अगर उन्होंने 2017 के प्रदर्शन को दुहरा दिया तो भारत की राह शायद आसान हो सकती है।












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