‘हर हर महादेव’ से गूंज उठा गौरी शंकर मंदिर! सोमनाथ पुनर्निर्माण के 75 साल पर रेखा गुप्ता ने किया जलाभिषेक
सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 गौरवशाली वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में श्रद्धा और सनातन परंपरा का विशेष उत्साह देखने को मिला। इसी कड़ी में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ कैबिनेट मंत्री परवेश वर्मा, मंजिंदर सिंह सिरसा और कपिल मिश्रा भी मौजूद रहे। मंदिर परिसर में 'हर हर महादेव' के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी इस अवसर पर मंदिर पहुंचे।

सोमनाथ के 75 साल का विशेष अवसर
दरअसल इस साल सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसी अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में विधि-विधान के साथ विशेष पूजा-अर्चना की। दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लाइव प्रसारण के जरिए इस आयोजन में भाग लिया और गौरी शंकर मंदिर में पूजा कर इस आध्यात्मिक कार्यक्रम से खुद को जोड़ा। उन्होंने भगवान शिव का अभिषेक किया और देश की समृद्धि एवं शांति की कामना की।
'विकास भी और विरासत भी' का संदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सोमनाथ मंदिर सिर्फ आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति और सनातन चेतना का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अनगिनत आक्रमणों और बार-बार हुए विध्वंस के बावजूद सोमनाथ का पुनर्निर्माण यह साबित करता है कि भारत की संस्कृति को कभी मिटाया नहीं जा सकता।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "विकास भी और विरासत भी" विजन का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत आधुनिकता और सांस्कृतिक विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। भारत की आध्यात्मिक पहचान अब वैश्विक मंच पर नई ताकत के साथ उभर रही है।
मंदिर परिसर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
चांदनी चौक स्थित प्राचीन गौरी शंकर मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ दिखाई दी। मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया था और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना संपन्न हुई। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने 'बम बम भोले' और 'हर हर महादेव' के जयकारे लगाए। धार्मिक आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी।
सोमनाथ क्यों है भारत की आस्था का प्रतीक?
सोमनाथ मंदिर भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र शिव मंदिरों में गिना जाता है। इतिहास में इस मंदिर पर कई बार हमले हुए, लेकिन हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ। यही वजह है कि सोमनाथ को भारतीय संस्कृति की दृढ़ता और आस्था का प्रतीक माना जाता है। आज जब सोमनाथ पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे हो रहे हैं, तब देशभर में इसे सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और सभ्यता के उत्सव के रूप में देखा जा रहा है।












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