कौन हैं IPS विकास वैभव? 6 साल बाद मगध के नए IG बन फील्ड पर लौटे धाकड़ अफसर, कांप उठेंगे अपराधी
IPS Vikas Vaibhav: बिहार की सम्राट चौधरी सरकार द्वारा किए गए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की हो रही है, वह IPS अधिकारी विकास वैभव हैं। करीब छह साल बाद उनकी मुख्यधारा की पुलिसिंग में वापसी हुई है। उन्हें मगध रेंज का नया IG बनाया गया है। गया मुख्यालय वाले इस महत्वपूर्ण पद पर उनकी नियुक्ति के बाद पुलिस विभाग से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल तेज हो गई है।
विकास वैभव को बिहार में ईमानदार, सख्त और संवेदनशील अधिकारी के रूप में देखा जाता है। युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं है। 'लेट्स इंस्पायर बिहार' जैसे अभियान के जरिए उन्होंने लाखों युवाओं को शिक्षा, सामाजिक बदलाव और सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित किया है। अब उनकी नई जिम्मेदारी को लेकर मगध क्षेत्र में पुलिसिंग और कानून व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।

कौन हैं IPS विकास वैभव?
विकास वैभव बिहार कैडर के 2003 बैच के IPS अधिकारी हैं। अपनी कार्यशैली और साफ छवि की वजह से उन्होंने अलग पहचान बनाई। बिहार में उन्हें एक ऐसे अधिकारी के तौर पर देखा जाता है जो सख्ती के साथ संवेदनशीलता भी रखते हैं। सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता और युवाओं से सीधा जुड़ाव उन्हें बाकी अधिकारियों से अलग बनाता है।
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IIT कानपुर से शुरू हुआ सफर
विकास वैभव ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके सामने कॉरपोरेट सेक्टर में बड़े पैकेज वाली नौकरी के कई मौके थे, लेकिन उन्होंने प्रशासनिक सेवा का रास्ता चुना। उन्होंने देश सेवा को प्राथमिकता देते हुए IPS बनने का फैसला लिया।
छह साल बाद फील्ड में वापसी
लंबे समय तक प्रशासनिक और सलाहकार भूमिकाओं में रहने के बाद अब उनकी फील्ड पुलिसिंग में वापसी हुई है। सरकार ने उन्हें मगध रेंज का IG बनाया है। गया, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद और अरवल जैसे अहम जिलों की जिम्मेदारी उनके पास होगी। नई पोस्टिंग मिलने के बाद विकास वैभव ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता कानून का शासन पूरी निष्पक्षता और बिना किसी डर या पक्षपात के लागू करना होगा।
नक्सलवाद के खिलाफ चलाए बड़े अभियान
विकास वैभव का नाम उन अधिकारियों में लिया जाता है जिन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ जमीन पर काम किया। रोहतास के SP रहते हुए उन्होंने कैमूर की पहाड़ियों में नक्सलियों के खिलाफ कई बड़े अभियान चलाए थे। उस समय यह इलाका काफी संवेदनशील माना जाता था। उनके नेतृत्व में पुलिस ने कई सफल ऑपरेशन किए, जिससे इलाके में नक्सली गतिविधियां कमजोर हुईं।
NIA में भी निभाई अहम भूमिका
राज्य पुलिस के अलावा विकास वैभव ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA में भी काम किया। वहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच की और अपनी पहचान राष्ट्रीय स्तर तक बनाई। आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच में उनके काम की काफी चर्चा हुई थी।
'लेट्स इंस्पायर बिहार' से बने यूथ आइकॉन
विकास वैभव केवल पुलिस अधिकारी तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने "Let's Inspire Bihar" अभियान शुरू किया, जिसका मकसद बिहार के युवाओं को शिक्षा, उद्यमिता और सामाजिक बदलाव के लिए प्रेरित करना था। इस अभियान के जरिए वे लगातार छात्रों और युवाओं से संवाद करते रहे हैं। उनका "नमस्ते बिहार" संदेश भी सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुआ।
2025 में इस्तीफे की खबरों से रहे चर्चा में
बिहार में 2025 के चुनाव से पहले विकास वैभव के राजनीति में आने और इस्तीफा देने की खबरें तेजी से फैली थीं। हालांकि बाद में उन्होंने खुद सामने आकर इन खबरों का खंडन किया था। उन्होंने कहा था कि समाज सेवा करने के लिए राजनीति में आने की जरूरत नहीं होती और वे अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
मगध रेंज में सामने होंगी बड़ी चुनौतियां
मगध रेंज बिहार का बेहद महत्वपूर्ण इलाका माना जाता है। गया में हर साल पितृपक्ष मेले में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके अलावा पर्यटन सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और संवेदनशील इलाकों में कानून व्यवस्था बनाए रखना भी बड़ी चुनौती है। ऐसे में विकास वैभव की पोस्टिंग को सरकार की अहम रणनीतिक नियुक्ति माना जा रहा है।
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