IND vs AUS: अहमदाबाद की पिच को लेकर सामने आई जानकारी, क्या टीम से मिल चुका है निर्देश?
Indian Test Pitches: इंदौर के भयावह अनुभव के बाद अहमदाबाद में दिखने को मिलेगी कैसी पिच? क्या टीम इंडिया की ओर से गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (जीसीए) को मिल चुका है निर्देश?

इंदौर की पिच पर भारत की करारी हार के बाद अभी भी चर्चा चल रही है। अधिकांश दिग्गज क्रिकेटरों ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तीसरे टेस्ट में रैंक टर्नर पर अपना गुस्सा जाहिर किया और आईसीसी ने भी खराब रेटिंग देकर साबित कर दिया कि ये सब ज्यादा नहीं चलने वाला लेकिन भारतीय टीम ने भी रैंक टर्नर को पिछले कुछ साल में घर पर जीत के अचूक फार्मूले के तौर पर देखा है। सब जानते हैं रणजी ट्रॉफी में विकेट कैसे होते हैं। वहां रनों के अंबार लगते हैं और कई बार खेल बल्लेबाजों के पक्ष में झुका नजर आता है लेकिन भारत में हो रहे इंटरनेशनल टेस्ट मैचों में खेल स्पिन गेंदबाजों के पक्ष में झुका मिलता है और तीन दिन में समाप्त हो जाता है।

पिच का पिशाच
अब इंदौर के बाद क्योंकि भारत का लक्ष्य अहमदाबाद में प्रतियोगिता में वापसी करना और विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में अपनी जगह बुक करना है। इसी बीच इस बात का आइडिया मिला है कि गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (जीसीए) को पिच के लिए टीम से क्या निर्देश मिल रहे हैं।
इंदौर की पिच भी टीम प्रबंधन ने ही बनवाई थी ये बात रोहित साफ कर चुके हैं। यानी अब क्यूरेटर की बहुत ज्यादा गलती की बात नहीं की जा सकती है। हां, इतना जरूर है टीम प्रबंधन ने इतना बुरा टर्न भी नहीं मांगा होगा जितना इंदौर ने पेश किया। ऐसा लगता है उस पिच को तैयार करने में क्यूरेटर को ज्यादा वक्त ही नहीं मिल पाया। ICC मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने पिच के अपने आकलन में कहा कि ये बल्ले और गेंद के बीच संतुलन प्रदान नहीं करती। इसे तीन डिमेरिट अंक दिए गए।

मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन इंदौर वाला हाल नहीं चाहता
जीसीए द्वारा हालांकि इस मामले पर अपनी प्रतिष्ठा को मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की तरह जोखिम में डालने की संभावना नहीं है और वह "सामान्य ट्रैक" तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। राज्य संघ के एक सूत्र ने शनिवार को पीटीआई से कहा, ''हमें भारतीय टीम प्रबंधन से कोई निर्देश नहीं मिला है और हमारे स्थानीय क्यूरेटर सामान्य ट्रैक तैयार कर रहे हैं जैसा कि हमने पूरे सत्र में हमेशा किया है।''
उन्होंने कहा, "दरअसल, यहां जनवरी में आखिरी रणजी मैच में रेलवे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 500 प्लस (508) का स्कोर बनाया था और गुजरात ने पारी की हार के बावजूद दोनों पारियों में 200 प्लस का स्कोर बनाया था। इस बार भी कुछ अलग नहीं होगा।"

'सामान्य विकेट' बनाने पर जोर
अगर ये बात सही साबित होती है तो इसका मतलब ये है कि एक सामन्य भारतीय विकेट देखने के लिए मिल सकता है। जैसा की पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह भी कह चुके हैं कि गेंदबाजों से भी विकेट लेने के लिए थोड़ी मेहनत कराई जाए। रैंक टर्नर पर गेंदबाजों को मुफ्त में विकेट मिल रहे हैं और बल्लेबाजों की लंका ढह रही है। ऐसा नहीं की सामान्य भारतीय विकेटों पर स्पिनर विकेट नहीं लेंगे। अनिल कुंबले और हरभजन की जोड़ी ने ये साबित किया है कि पांचवें दिन तक मैच खिंचने के बाद भी आपको नतीजे मिल सकते हैं और विकेट भी। लेकिन इसके लिए निश्चित तौर पर स्पिनरों को अब की तुलना में कहीं अधिक मेहनत करनी होगी।

बीसीसीआई की मैदान और पिच समिति स्थानीय क्यूरेटर को निर्देश देती है
आज रवींद्र जडेजा और अश्विन जैसे ऑलराउंडरों के गेंदबाजी औसत 25 से कम हैं जो पुराने समय में टेस्ट मैच में एक बहुत ही नायाब, दुर्लभ आंकड़ा था। जाहिरी तौर पर ये बताता है पिच ने इनकी कितनी मदद की है क्योंकि विदेशी पिचों पर ये दोनों ही गेंदबाज फ्लॉप हो जाते हैं और मैच केवल तेज गेंदबाजी ही जिताती है।
वैसे अहमदाबाद भी कोई दूध का धुला नहीं है क्योंकि 2021 में, अहमदाबाद ने भारत और इंग्लैंड के बीच दो टेस्ट मैचों की मेजबानी की और दोनों दो दिनों के भीतर समाप्त हो गए और मेजबान टीम ने दोनों में जीत हासिल की।
सूत्र ने आगे कहा, "जाहिर है, पिछले कुछ दिनों में बीसीसीआई की मैदान और पिच समिति स्थानीय क्यूरेटर को निर्देश देती है। लेकिन, निश्चित रूप से, हमारी तरफ से हमारा प्रयास एक अच्छी टेस्ट मैच पिच तैयार करना है।"












Click it and Unblock the Notifications