IPL कमेंट्री में ले-ऑफ़ होने पर कौन होगा सबसे पहले बाहर? पल भर में जाएगी किन लोगों की नौकरी

IPL 2025: जब बाजार में मंदी का दौर आता है, तो प्राइवेट सेक्टर की बड़ी कंपनियों में छंटनी शुरू हो जाती है, इसे ले-ऑफ़ कहा जाता है। हर तरह की कंपनी में ऐसे होता है और बाद में वापस नए लोगों को काम पर रखने के लिए भर्ती प्रक्रिया भी होती रहती है और यह आम बात है।

फ़िलहाल आईपीएल की तरफ लोगों का ध्यान है और हर एक चीज को फैन्स बारीकी से देखते हैं, उनमें हिंदी कमेंट्री का मुद्दा सबसे बड़ा दिखाई दे रहा है। हिंदी कमेंट्री में काम की बात तो काफी कम होती है जबकि इधर-उधर की फ़ालतू बातों को काफी देखा जाता रहा है।

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इस बार सोशल मीडिया पर आईपीएल की हिंदी कमेंट्री को लेकर काफी ज्यादा सवाल उठ रहे हैं। लोगों का मानना है कि हिंदी कमेंट्री में हर तरह की बकवास हो रही है लेकिन तकनीकी चीजों और गेम से जुड़ी बातों के लिए आपको इंग्लिश कमेंट्री की तरफ ही जाना चाहिए। कई लोगों ने कुछ कमेंटेटर्स को हटाने की मांग तक कर डाली है।

ऐसे में अगर आईपीएल में कमेंट्री वाले लोगों का ले-ऑफ़ होता है, तो उनमें सबसे पहले किसका नाम होना चाहिए, यह विश्लेषण किया गया है। जानना जरूरी हो जाता है कि हिंदी कमेंट्री में ऐसे कौन लोग हैं, जो बकैती करने के पैसे ले रहे हैं और वास्तविक काम के मामले में जीरो हैं। पर्सनल अजेंडा चलाने के आरोप में इरफ़ान पठान को हटाया गया है लेकिन उनसे बेहद खराब कमेंट्री करने वाले लोग अब भी मौजूद हैं।

पहला नाम (IPL 2025)

इस लिस्ट में पहला नाम तो वीरेन्द्र सहवाग का ही होना चाहिए। भले ही इंटरनेशनल क्रिकेट में उन्होंने बड़े-बड़े गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाई हों लेकिन कमेंट्री में मस्ती-मजाक और टांग खिंचाई के अलावा वीरू कुछ खास नहीं करते हैं। आधे समय तो वह खुद के शॉट और बातें ही बताते रहते हैं। इसके अलावा अन्य लोगों को नीचा दिखाते हुए खिलखिलाकर हँसने का काम वीरेंद्र सहवाग करते हैं। उनको करोड़ों का पैकेज मिलता है, अगर ले-ऑफ़ किया जाए, तो जियोहॉटस्टार के करोड़ों रुपये बच सकते हैं। सहवाग की कमेंट्री में कभी मैच से जुड़ी बातें नहीं हो सकती, कभी वह खाना खाकर आएंगे, तो उसकी बात करेंगे। कभी उन्होंने सचिन तेंदुलकर को रन आउट कराया था, उसकी बात करेंगे और कभी मुल्तान में अपने 300 रनों का जुमला कहेंगे और उनकी यही दो-चार बातें फिक्स हैं।

दूसरा नाम (IPL 2025)

इस लिस्ट में दूसरा नाम अम्बाती रायडू का है, जो फैन्स के निशाने पर भी हैं। उनके विश्लेषण के दौरान आधे समय महेंद्र सिंह धोनी का नाम होता है। मैच किसी दूसरी टीम का होता है, तब भी रायडू की जुबान पर धोनी का नाम ही होता है। हर समय एक प्लेयर का नाम और उसका गुणगान करते रहना कमेंट्री नहीं हो सकती। मैदान पर खेल रही टीमों की स्ट्रेंथ, कमियों और अच्छे पहलुओं पर बात करना कमेंट्री होता है। रायडू को तो लोग यहाँ तक कह चुके हैं कि वह सिर्फ धोनी की भक्ति करते हैं। रायडू को भी ले-ऑफ़ में बाहर किया जा सकता है।

क्या होना चाहिए तीसरा नाम?

फ़िलहाल तो ये दो प्लेयर्स ही आईपीएल कमेंट्री से बाहर किये जाने योग्य हैं। नवजोत सिद्धू को को इस लिस्ट में शामिल किया जा सकता है क्योंकि वह भी शायरी ज्यादा और कमेंट्री कम करते हैं। हालाँकि उनके पास क्रिकेटिंग ज्ञान काफी हैं, इस वजह ले-ऑफ़ में उनका नाम फ़िलहाल नहीं आता लेकिन फैन्स उनसे भी अब ऊब चुके हैं।

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