ईशान की इस हरकत ने गावस्कर को किया हैरान, पवेलियन लाैटने की थी जल्दी

नई दिल्ली। भारत के पूर्व कप्तान और अनुभवी क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने लगातार खराब प्रदर्शन के लिए ईशान किशन की आलोचना की है। किशन को मेगा नीलामी में मुंबई इंडियंस ने 15.25 करोड़ में रखी दा, लेकिन वह अभी तक टीम के लिए कोई बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं और उनकी फॉर्म में काफी गिरावट भी आई है। किशन ने अब तक 8 मैचों में 28.43 के औसत और 108.15 के स्ट्राइक रेट से 199 रन बनाए हैं।
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मायूस होकर मैदान छोड़ने लग पड़े
सिर्फ किशन ही नहीं, बल्कि मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा भी इस सीजन में अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। टीम मध्यक्रम में दो या तीन खिलाड़ियों पर निर्भर है क्योंकि शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने उतने रन नहीं बना। नतीजतन, मुंबई ने अब तक खेले गए सभी आठ मैच गंवाए हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ किशन को एक विचित्र तरीके से आउट होना पड़ा, जब गेंद उनके बल्ले से एलएसजी विकेटकीपर क्विंटन डी कॉक के जूते पर लगी थी और फिर उछलते हुए स्लिप में जेसन होल्डर के हाथों में चली गई। इस तरह किशन 20 गेंदों में 8 रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन मैदानी अंपायरों ने किशन को आउट नहीं दिया था क्योंकि वह स्पष्ट नहीं थे कि गेंद जूते से टकराकर उछली या फिर जमीन से। लेकिन किशन फैसला आने से पहले ही मायूस होकर मैदान छोड़ने लग पड़े। किशन की इस हरकत ने गावस्कर को हैरान कर दिया।

खुद ही बाहर चल दिए
गावस्कर ने स्टार स्पोर्ट्स को बताया, "क्रीज पर उनका वक्त बहुत खराब रहा। वह खुद ही बाहर चल दिए। ऐसे लगता है जैसे वो सिर्फ अपने दुख से बाहर निकलना चाहता था। आम तौर पर बल्लेबाज क्रीज पर थोड़ी देर के लिए रूकता है जब गेंद बल्ले का किनारा लेकर स्लिप में जाती है, साथ ही गेंद जमीन से लगती हुई प्रतीक होती है। लेकिन यहां एक खिलाड़ी है जो तब पवेलियन लाैट पड़ता है जब लगता हो कि गेंद नीचे लगी हो सकती है। वो जा रहा था, लेकिन उसे अंयार ने इशारा करते हुए रोका कि अभी चेक कर लेते हैं। तो उनकी यह मानसिकता बताती है कि वह कैसे बल्लेबाजी कर रहे हैं।"

यह एक अच्छा संकेत नहीं
उन्होंने आगे कहा, "हो सकता है कि वह पिछले मैच में अपने हेलमेट पर लगे झटके से चकरा गया हो और यह एक अच्छा संकेत नहीं है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया या साउथ अफ्रीका जैसी पिचों पर बहुत उछाल है और वहां उसे फिर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। हर तेज गेंदबाज बस फि वहीं उसपर अटैक करेगा जहां वो कमजोर है। कोई भी इसे पिच नहीं करेगा क्योंकि वह वहीं पसंद करता है। कमर के नीचे जो भी गेंद आएगी वह उसे मार देगा, लेकिन ऊपर जो गेंद आएगी उसके लिए वो संघर्ष करेगा।"












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