टेस्ट क्रिकेट में किसी और का 'हक' नहीं मारना चाहते हार्दिक पांड्या, बताया कब करेंगे रेड बॉल फॉर्मेट में वापसी
Hardik Pandya on Test Comeback: शेन वाटसन ने हार्दिक की टेस्ट क्रिकेट में वापसी की मांग की है। हार्दिक 2018 से पीठ की चोट के चलते रेड-बॉल प्रारूप से दूर है। उन्होंने अब सफेद गेंद क्रिकेट में जबरदस्त वापसी की है।

भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में क्वालीफाई करने में कामयाब रही है क्योंकि न्यूजीलैंड श्रीलंका को पहले टेस्ट मैच में रोमांचक तरीके से हरा दिया था। टीम इंडिया को बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में 3-1 से जीत दर्ज करनी जरूरी थी और फिर वह अपने दम पर ओवल में जून में होने वाले इस मेगा इवेंट के लिए ऑटोमैटिकली क्वालीफाई कर जाते लेकिन अब भी भारतीय टीम के पास पिछले 10 सालों से चले आ रहे आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म करने का मौका है।
WTC फाइनल में टीम इंडिया की चुनौती
इंग्लैंड में परिस्थितियां स्विंग गेंदबाजी के अनुकूल होती हैं इसके लिए क्रिकेट के जानकारों ने और क्रिकेट के पूर्व खिलाड़ियों ने एक दिलचस्प सुझाव दिया है जिसमें हार्दिक पांड्या को टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए कहा है। उनका कहना है कि हार्दिक भले ही टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार नहीं है लेकिन एक टेस्ट मैच से कुछ नहीं बिगड़ता है। हार्दिक का वर्क लोड मैनेजमेंट प्रोग्राम इस तरह का है कि वे अब केवल सफेद गेंद क्रिकेट ही खेलते हैं। लेकिन वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल बड़ा मैच है जहां भारत के पास जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी पहले से ही मौजूद नहीं होंगे तो हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya for WTC Final) की मौजूदगी काफी हद तक टीम इंडिया के संतुलन को ठीक कर सकती है क्योंकि वहां अश्विन और जडेजा जैसे भारतीय पिचों के ऑलराउंडर इतने प्रभावी साबित नहीं होंगे।
शेन वॉटसन ने की हार्दिक की टेस्ट वापसी की मांग
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर शेन वॉटसन ने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए हार्दिक पांड्या के लिए टेस्ट क्रिकेट में वापसी की सलाह दी है। हार्दिक की चोट उनको पहले भी काफी तकलीफ दे चुकी है और अब भी वे इसके लिए काफी चौकस रहते हैं। जब जरूरत पड़े तभी गेंदबाजी करते हैं। शेन वाटसन ने यह सब ध्यान में रखते हुए कहा था कि हार्दिक पांड्या ऑलराउंडर है लेकिन उनकी बल्लेबाजी ही अकेले दम पर काफी है। अगर गेंद नई है तो वे उसको बढ़िया स्विंग कर सकते हैं जिसके चलते भारतीय टेस्ट टीम में अपना प्रभाव छोड़ सकते हैं। अगर वे टेस्ट क्रिकेट में एक फास्ट बॉलर के वर्क लोड को झेल सकते हैं तो मैं उनको तीनों फॉर्मेट में खेलते देखना चाहूंगा क्योंकि वह दुनिया के क्रिकेट के एक स्पेशल टैलेंट है।
हार्दिक ने दिया बेबाक जवाब
वैसे तो हार्दिक पांड्या ने टेस्ट क्रिकेट को मना नहीं किया है लेकिन तुरंत वापसी से इनकार किया है। हार्दिक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले वनडे मैच में कप्तानी कर रहे हैं और इस मुकाबले की पूर्व संध्या पर उन्होंने कहा, "मैं टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए 10 प्रतिशत भी तैयार नहीं हो पाया। मैं एक मजबूत नैतिकता रखने वाला इंसान हूं। मेरी तैयारी पूरी नहीं है तो ठीक नहीं होगा कि मैं किसी और की जगह लूं। अगर मुझे टेस्ट क्रिकेट खेलना है तो मैं अपनी जगह कमाना चाहूंगा। इस वजह से मैं डब्ल्यूटीसी फाइनल (WTC Final) या भविष्य में होने वाली टेस्ट सीरीज में तब तक उपलब्ध नहीं रहूंगा जब तक मुझे यह नहीं लगता कि मैंने अपनी जगह कमाई है।"












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