Virat Kohli B'day: उतार-चढ़ाव के 3 साल में पाकिस्तान के खिलाफ खेली 'डिवाइन इनिंग' तक ऐसा रहा सफर
Happy Birthday Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली आज 34 साल के हो चुके हैं। विराट कोहली के लिए क्रिकेट के पिछले 3 साल काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे और उन्होंने एक बार फिर से राजाओं सरीखी वापसी करके अपने 'किंग कोहली' नाम को जस्टिफाई कर दिया। इस समय कोहली जिस T20 वर्ल्ड कप में धमाल मचा रहे हैं वहां उनके आसपास कोई और नहीं टिकता है क्योंकि उन्होंने चार पारियों में 220 के एवरेज के साथ 220 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 144.7 जा रहा है।

2019 में बांग्लादेश के खिलाफ शतक लगाने के बाद बिल्कुल खामोश हो गए
नवंबर 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ शतक लगाने के बाद वे बिल्कुल खामोश हो गए थे लेकिन उससे पहले भी उन्होंने बड़े-बड़े स्कोर बनाना बंद कर दिया था। दरअसल जब भारतीय क्रिकेट टीम 2019 के वर्ल्ड कप में बहुत बड़ा नाम और रुतबा लेकर गई थी। उन्होंने लीग मैचों में जबर्दस्त खेल दिखाया लेकिन सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ दिल दुखाने वाली हार मिली। इसके बाद दो चीजें हुई- भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इंटरनेशनल क्रिकेट में दिखाई नहीं दिए और भारत के तत्कालीन कप्तान विराट कोहली के बल्ले ने रनों का उस अंदाज में बनाना बंद कर दिया जिसने पूरी दुनिया में उनकी छाप छोड़ी थी।

बंद दरवाजों ने कोहली के रनों के कपाट भी बंद कर दिए
विराट तीनों फॉर्मेट में कप्तानी कर रहे थे और लगातार खेल रहे थे। इसका असर उनके प्रदर्शन पर बाद में दिखाई देने लगा। उनको तब भी खराब फॉर्म में नहीं कहा जा सकता था लेकिन वह बड़ी पारियां भी नहीं खेल पा रहे थे। बांग्लादेश के खिलाफ 2019 में शतक के बाद विराट कोहली के बल्ले के शांत होने का एक कारण कोरोनाकाल को भी माना जा सकता है। इस महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लिया और इसका असर विराट कोहली की निरंतरता पर भी दिखाई दिया। विराट कोहली जैसे लार्जर दैन लाइफ स्टाइल में जिंदगी जीने वाले खिलाड़ी मैदान में मिलने वाली लाइमलाइट से परे हो गए और बंद दरवाजों के पीछे हो रहे क्रिकेट का उतना लुत्फ कहीं ना कहीं उठा नहीं पाए। वह समय ऐसा था जब विराट कोहली वाकई में एक खराब दौर से गुजरे लगे और शतक का सिलसिला पूरी तरह बंद हो गया था जो कब टूटेगा यह भी किसी को नहीं पता था। हर श्रंखला में विराट कोहली से उम्मीदें होती कि इस बार कुछ करेंगे लेकिन वैसा नहीं कर पाए।
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फिर छिनी तीनों फॉर्मेट से कप्तानी
यह वो समय भी था जब बायो बबल ने दुनिया के सभी क्रिकेटरों पर कहीं ना कहीं अपना गलत प्रभाव डाला। बबल उनकी शारीरिक सेहत के लिए बहुत जरूरी था लेकिन मानसिक सेहत बिगड़ रही बिगड़ती जा रही थी। कोहली ने भी काफी दबाव में क्रिकेट खेला और भारतीय टीम को टी-20 वर्ल्ड कप 2021 में मिली हार ने विराट के लिए स्थिति को और बदतर कर दिया। वे इस टूर्नामेंट से पहले ही T20 फॉर्मेट से कप्तानी को विदाई देने की बात कह चुके थे लेकिन जिस तरह से भारत बाहर हुआ उसके बाद सब ने विराट कोहली के इस्तीफे को हाथों हाथ लिया। चीजें यहीं नहीं रुकी क्योंकि बाद में उनकी बीसीसीआई से भी कथित तौर पर अनबन हो गई। कहीं ना कहीं ऐसा लगा कि बीसीसीआई के तत्कालीन चीफ सौरव गांगुली और विराट एक पेज पर नहीं थे। जिसके चलते सिलेक्शन कमेटी की ओर से विराट कोहली से वनडे कप्तानी छीनने का फैसला भी लिया गया।

कहीं ना कहीं खुद को फिर से खोजने में लगा दिया
अब विराट के पास अपने सबसे पसंदीदा फॉर्मेट टेस्ट की कप्तानी ही बाकी थी और उम्मीद थी कि विराट क्रिकेट सबसे लंबे प्रारूप में काफी लंबी कप्तानी पारी खेलेंगे लेकिन जैसे ही भारत दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर गया और हारा तो विराट ने टेस्ट से भी अपनी कमान छोड़ने का फैसला कर दिया। यह बात अब साफ थी कि विराट कप्तानी के चक्कर में ना पड़कर अपने बल्ले से ही कुछ कमाल करना चाहते थे। लेकिन क्या यह इतना आसान था?
इसके बाद भी विराट के बल्ले ने खामोशी से रन ना बनाना जारी रखा और क्रिकेट के गलियारों से विराट को लेकर हाय तौबा शुरू हो गई। विराट के कई आलोचकों के बीच कई ऐसे मुरीद थे जो मानते थे कि यह मास्टर खिलाड़ी अपनी वापसी जबरदस्त अंदाज में करेगा। विराट कोहली ने अपनी दिमागी सेहत पर अधिक ध्यान देना शुरू कर दिया था जिसके चलते उन्होंने आईपीएल 2022 के बाद इंग्लैंड दौरे पर जाने के बाद 1 महीने का ब्रेक ले लिया और परिवार के साथ घूमते फिरते हुए दिखाई दिए। उन्होंने स्वीकार भी किया कि वह कहीं ना कहीं खुद को फिर से खोज रहे हैं और जब एक महीने बाद वापस लौटे तो उनमें एक अलग ही लेवल की परिपक्वता और शांति मौजूद थी।

और नतीजे में मिली भारतीय क्रिकेट इतिहास की एक और सर्वकालिक महान पारी
विराट ने यह स्वीकार किया कि वह पिछले कुछ समय से अपने दिमाग से जूझ रहे थे और अपनी अग्रेसिव स्टाइल को लेकर भी एक तरह का ढोंग कर रहे थे। लेकिन सच की स्वीकृति और परिवार के साथ मिले समय ने विराट कोहली को जो ताजगी दी वह एशिया कप में दिखाई दी। 1 महीने तक बल्ले को हाथ में लगाने वाला यह खिलाड़ी एशिया कप में अलग ही अंदाज में रन बनाता हुआ दिखाई दिया लेकिन यह अभी विराट की फॉर्म की केवल शुरुआत हुई थी जिसका शिखर अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में देखने को मिला जब विराट कोहली ने 1020 दिन बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना पहला शतक जड़ दिया। यह उनके करियर का 71वां शतक था। विराट ने कहा कि उन्होंने कल्पना में भी नहीं सोचा था कि यह शतक T20 फॉर्मेट में आएगा। इस शतक के बाद विराट कोहली विश्व कप में आते हैं और पाकिस्तान के खिलाफ एक ऐसी पारी खेल देते हैं देते हैं जिस पर लोग ऊपर वाले का हाथ पाते हैं। इस पारी को आस्ट्रेलिया ने डिवाइन इनिंग भी करार दिया जो ऐसी पारी है जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी। हम कपिल देव की 1983 वर्ल्ड कप में जिंबाब्वे के खिलाफ खेली गई पारी को याद करते हैं। सचिन तेंदुलकर द्वारा 90 के दशक में आस्ट्रेलिया के खिलाफ शारजाह में खेली गई पारियों को याद करते हैं। वीवीएस लक्ष्मण द्वारा कोलकाता टेस्ट में आस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाई गई 281 रनों की पारी को याद करते हैं और हाल ही में ऋषभ पंत ने ब्रिसबेन के गाबा में आस्ट्रेलिया के खिलाफ जो नाबाद पारी खेली थी उसको भी बहुत याद करते हैं। इन सब बेहतरीन पारियों में विराट कोहली की ताजा इनिंग का बहुत खास स्थान है। उन्होंने जिस तरीके से मैच के पलटा वह टी20 में हुआ बात थी और अभी तक हमने जितनी बेहतरीन भारतीय पारियों का जिक्र किया वह सभी टेस्ट या वनडे फॉर्मेट में खेली गई थी। विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 82 रन बनाए थे और हारिस रऊफ पर मारे गए उनको दो छक्के तो इस वर्ल्ड कप की सबसे बेहतरीन कहानी है।












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