'मेरा बेस्ट भी टीम इंडिया के लिए काफी नहीं था', अब रहाणे की वापसी को एक प्रेरणा के तौर पर देख रहा ये बल्लेबाज
बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 के दौरान हनुमा विहारी द्वारा तीसरे टेस्ट मैच में खेली गई 161 गेंदों पर 23 रनों की पारी आज भी रोंगटे खड़े कर देती है। इस पारी में ऐसी कोई चौके छक्के वाली बात नहीं थी लेकिन जिन विकट परिस्थितियों में वह खेली गई, उसने हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) के बेजोड़ व्यक्तित्व का एक नजारा पेश किया था।
हैमस्ट्रिंग इंजरी होने के बावजूद दाएं हाथ का यह बल्लेबाज टिका रहा और सिडनी टेस्ट में भारत को फेमस ड्रा दिलाया था। 29 साल का यह खिलाड़ी दिलीप ट्रॉफी में साउथ जोन की कप्तानी कर रहा है।

दिलीप ट्रॉफी में फाइनल मैच कल यानी 12 जुलाई को बेंगलुरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने जा रहा है। हनुमा विहारी टेस्ट मैचों में 29 पारियों में 839 रन बना चुके हैं लेकिन भारतीय टीम से लंबे समय से बाहर चल रहे हैं। आंध्र प्रदेश के इस खिलाड़ी को इस बात सटीक कारण तो नहीं पता कि उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम से क्यों बाहर किया गया, लेकिन वह अजिंक्य रहने जैसे अनुभवी खिलाड़ी की वापसी से प्रेरित होना चाहते हैं।
रहाणे लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर होने के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल मुकाबले में दमदार वापसी के चलते आज वेस्टइंडीज दौरे पर मौजूद टीम इंडिया के टेस्ट उप कप्तान हैं।
ईएसपीएनक्रिकइंफो से बात करते हुए विहारी ने कहा, "एक बार बाहर होने के बाद वापसी करना आसान नहीं होता। यह आपकी मानसिक चीजों को भी प्रभावित करता है। इस सीजन मैंने बाकी चीजों को साइड में रख कर अपनी बल्लेबाजी पर फोकस किया है और जो पिछले 12 साल से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कर रहा हूं, वही करने की कोशिश है। भारतीय टीम में सिलेक्शन होता है तो ठीक है, नहीं तो मैं अपने राज्य और जोन की टीम के लिए और बेहतर बल्लेबाज बनने की कोशिश करूंगा।"
विहारी ने दिलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मैच के दौरान ये बातें कही हैं। नॉर्थ जोन के खिलाफ 2 विकेट से जीत दर्ज करते हुए विहारी ने अपनी टीम के लिए अहम 43 रनों की पारी खेली थी।
विहारी आगे कहते हैं, "मुझे लगता है मैंने हमेशा बेस्ट देने की कोशिश की है। शायद मेरा वो बेस्ट भारतीय टीम के लिए पर्याप्त नहीं था, लेकिन फिर से मैं अपने आपको और बेहतर बल्लेबाज बनाने की कोशिश करता रहूंगा। एक स्पोर्ट्स मैन होने के नाते आप यही कर सकते हैं।
"उम्मीदें यही रहती हैं कि, जब तक आप संन्यास नहीं लेते तब तक भारतीय टीम में चयन हो सकता है। अभी भी मै 29 साल का हूं और मैंने देखा है 35 साल की उम्र में अजिंक्य रहाणे ने वापसी की है। मुझे भी लंबा रास्ता तय करना है। मुझे अभी भी लगता है कि मैं टेस्ट फॉर्मेट में भारतीय क्रिकेट टीम में योगदान दे सकता हूं।"












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