'पाकिस्तान के साथ कोई क्रिकेट नहीं,' पहलगाम घटना पर गुस्साए पूर्व RCB स्टार ने BCCI को लिखा पत्र
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले ने देशभर में गुस्से की लहर दौड़ा दी है। इसी बीच रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के पूर्व स्टार खिलाड़ी ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) को एक खुला पत्र लिखते हुए साफ कहा है- अब पाकिस्तान के साथ क्रिकेट नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस हमले को 'बर्बरता की हद' बताया और कहा कि जब तक मासूमों पर हमले बंद नहीं होते, तब तक खेल का कोई मतलब नहीं है।
'क्रिकेट नहीं, पहले इंसानियत' भावुक हुए पूर्व क्रिकेटर
इस खिलाड़ी ने अपने पत्र में लिखा कि, 'यह समय क्रिकेट खेलने का नहीं, बल्कि देश के साथ खड़े होने का है। जब निर्दोष नागरिक मारे जा रहे हों, तब हम मैदान पर पाकिस्तान के साथ हाथ मिलाएं, यह कैसे मंजूर हो सकता है?' उन्होंने BCCI से अपील की कि ऐसे हालात में पाकिस्तान के साथ किसी भी बायलेट्रल या वैश्विक मैच से परहेज किया जाए।

पहलगाम की घटना के बाद भारत के पूर्व क्रिकेटर श्रीवत्स गोस्वामी ने पाकिस्तान के साथ किसी भी क्रिकेटिंग रिश्ते पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, और इसी वजह से मैं कहता हूं-पाकिस्तान के साथ क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए। न अब, न कभी। जब BCCI या भारत सरकार ने टीम इंडिया को पाकिस्तान में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी में भेजने से इनकार किया था, तब कुछ लोग बोले थे कि 'खेल को राजनीति से ऊपर रखना चाहिए।'
भारत ने 2012-13 के बाद से पाकिस्तान के साथ बायलेट्रल क्रिकेट नहीं खेला है और बीसीसीआई ने इस साल की शुरुआत में चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अपनी टीम भेजने से इनकार कर दिया, जबकि अन्य भारतीय टीमें अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए पाकिस्तान जाती रही हैं।
शास्त्री, कुंबले और पठान ने भी जताया दुख
इस हमले पर भारतीय क्रिकेट जगत से लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। अनिल कुंबले ने कहा कि, 'बेबुनियाद हिंसा में मासूमों की जान गई। उनके परिवारों को ताकत और शांति मिले, यही प्रार्थना है। हमें नफरत के खिलाफ एकजुट होना होगा।' पूर्व कोच रवि शास्त्री ने ट्वीट किया कि, 'यह कायराना हरकत है, जिसने पूरे देश को एक कर देना चाहिए।' इरफान पठान ने लिखा कि, 'हर बार जब एक मासूम जान जाती है, इंसानियत हार जाती है।'
क्या BCCI मानेगा अपील?
फिलहाल BCCI की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन ऐसे में जब पूरे देश में आक्रोश है और क्रिकेटर्स भी खुलकर बोल रहे हैं, तो बोर्ड पर दबाव बनना तय है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले टूर्नामेंट्स में भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर क्या रुख अपनाया जाता है।












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