भारत के पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना के पिता का निधन, कैंसर से हार गए जिंदगी की जंग
भारत के पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना के पिता का निधन, कैंसर से हार गए जिंदगी की जंग
नई दिल्ली, 06 फरवरी: भारत के पूर्व ऑलराउंडर क्रिकेटर सुरेश रैना के पिता त्रिलोकचंद रैना का रविवार 6 फरवरी को कैंसर से निधन हो गया। एक सैन्य अधिकारी और आयुध कारखाने में बम बनाने में महारत रखने वाले तिरलोकचंद का उनके गाजियाबाद स्थित आवास पर निधन हुआ है। त्रिलोकचंद का निधन ऐसे दिन हुआ है जब पूरा देश महान भारतीय गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त कर रहा है। हालांकि सुरेश रैना ने अपने पिता के निधन के बारे में सोशल मीडिया पर कोई जानकारी नहीं दी है। सुरेश रैना ने आद भारत रत्न लगा मंगेशकर के निधन पर शोक जताया है। सुरेश रैना ने ट्वीट कर लिखा, ''भारत रत्न लता दीदी के निधन से गहरा दुख हुआ। आपकी विरासत हमारे जीवन में और हमारे दिलों में हमेशा जीवित रहेगी। आत्मा को शांति मिले। ओम शांति।''
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जम्मू-कश्मीर के रहने वाले थे रैना के पिता
सुरेश रैना के पिता त्रिलोकचंद रैना का पैतृक गांव भारत के जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में 'रैनावारी' है। 1990 के दशक में कश्मीर पंडितों की हत्या के बाद रैना के पिता त्रिलोकचंद रैना ने गांव छोड़ दिया था। परिवार मुरादनगर कस्बे में बस गया। उनके पिता का 10 हजार रुपये वेतन था। वह सुरेश रैना के लिए उच्च क्रिकेट कोचिंग की फीस नहीं दे सकते थे। फिर रैना को 1998 में गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, लखनऊ में भर्ती कराया गया।

रैना पिता को लेकर हमेशा रखते थे इस बात का ध्यान
सुरेश रैना ने कई इंटरव्यू में कहा है कि वह हमेशा इस बात का ध्यान रखते हैं कि किसी भी बात का उल्लेख न करें जो उनके पिता को कश्मीर की त्रासदी के बारे में याद दिलाए। सुरेश रैना के पिता के निधन पर हरभजन सिंह ने ट्वीट कर दुख जताया है। हरभजन सिंह ने लिखा है, ''रैना के पिता के निधन के बारे में सुनकर बहुत दुखी हूं, RIP अंकल जी।''
रैना 2022 इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मेगा नीलामी में हिस्सा लेंगे जो अगले हफ्ते होने वाली है। वह आखिरी बार चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के लिए खेले थे और फिर उन्हें बरकरार रखने का फैसला किया। उन्हें उनकी नई घरेलू फ्रेंचाइजी लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) से भी जोड़ा जा सकता है, जो संभवत: उनका अंतिम आईपीएल सीजन भी होगा।

रैना हमेशा अपने पिता के साथ रहें
त्रिलोकचंद रैना का सुरेश रैना की जिंदगी पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ा। रैना भारत में जहां भी रहते थे, वह अपने पिता को हमेशा अपने साथ रखते थे। जब रैना भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे तब वह गाजियाबाद में ही ट्रेनिंग करते थे क्योंकि वह अपने माता-पिता के करीब रहना चाहते थे।
का बहुत बड़ा प्रभावक था, और रैना भारत में जहां भी थे, दोनों एक साथ रहे। साथ ही, जब वह भारतीय खेमे के साथ नहीं थे, तो वह गाजियाबाद को प्रशिक्षित करते थे, क्योंकि वह अपने माता-पिता के करीब रहना चाहते थे।












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