Explained: क्या है लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड की वह ढलान? जिससे खिलाड़ी होते हैं बुरी तरह परेशान, कितने फीट गहरी
Lord's Cricket Ground Slope: भारत और इंग्लैंड के बीच तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी का तीसरा टेस्ट मुकाबला आज से लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर शुरू हो रहा है। लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड की बात आते ही एक चीज सबसे पहले दिमाग में आती है, वह इसकी ढ़लान है, जिससे प्लेयर्स को परेशानी होती है लेकिन इसका कोई समाधान नहीं किया गया।
जिस जगह लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड बनाया गया है, वह साल 1814 से है। ग्राउंड पर बनी एक ढलान काफी सालों से है और यह प्राकृतिक रूप से मौजूद है। ग्राउंड के समय से ही यह वहां मौजूद है, इसे जानबूझकर नहीं बनाया गया था।

कितनी है इस ढलान की दूरी
यह ढलान उत्तर-पश्चिम से लेकर दक्षिण-पूर्व की तरफ फैली हुई है। यह 8 फ़ीट तक एक ओर झुकी हुई है और ग्राउंड का मुख्य आकर्षण बनी हुई है। यह क्षेत्र सेंट जोन्स वुड में एक पहाड़ी के अंतर्गत आता था और उस समय उबड़-खाबड़ जगह थी जिसे ठीक नहीं किया गया था। यह इलाका उस समय बतखों का तालाब था।
Lord's Cricket Ground ढलान क्यों नहीं हटाई गई
साल 1814 में जब इस स्टेडियम को बनाया गया था, तब जगह को समतल नहीं किया गया था। उस समय उतनी तकनीक और संसाधन नहीं थे। इस वजह से यह ढलान मैदान में ही रह गई और हेमशा के लिए इसका एक अहम हिस्सा बन गई। साल 2014 में स्टेडियम का पुनर्निमाण हुआ था। उस दौरान भी इसे हटाया नहीं गया था।
Lord's Cricket Ground ढलान को अब तक रखने का मतलब?
अब यह ढलान लॉर्ड्स स्टेडियम में अपना एक ऐतिहासिक महत्व रखती है, इस वजह से इसे हटाया नहीं गया और संरक्षित कर दिया गया। इससे बल्लेबाज काफी प्रभावित होते है। एक तरफ से गेंद ज्यादा सीम और स्विंग करती है, तो बल्लेबाज प्रभावित होते हैं। यह आम तौर पर हर मैच में होता है। इसके अलावा ढलान के विपरीत खेला गया शॉट नियंत्रण से बाहर हो जाता है।
स्पिनरों की चाँदी, बल्लेबाज परेशान
स्पिनरों को यहां ढलान के खिलाफ गेंदबाजी करने से मदद मिलती है। लेग स्पिनरों की गेंद स्पिन होती है। कई गेंदबाजों ने इस ढलान का उपयोग अच्छी तरह किया है। हर मुकाबले में गेंदबाज इस ढलान को देखकर खुश हो जाते हैं।












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