'दमदार प्रदर्शन के बावजूद उमेश यादव को हमेशा अनदेखा किया गया', दिनेश कार्तिक ने खोले कई दर्दभरे राज
Dinesh Karthik On Umesh yadav: भारतीय टीम के तेज गेंदबाज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंदौर टेस्ट में अपनी गेंदबाजी से सभी को खासा प्रभावित किया है। वह गेंद से लगातार कमाल का प्रदर्शन करते रहे हैं।

Dinesh Karthik On Umesh yadav: इंदौर टेस्ट मैच के दूसरे दिन भारतीय टीम के तेज गेंदबाज उमेश यादव ने दमदार प्रदर्शन किया। उमेश यादव को भारतीय टेस्ट टीम में बहुत कम खेलने के मौके मिले हैं। भारतीय टीम में लगातार लंबे समय तक टिके रहना मुश्किल होता जा रहा है, खासकर गेंदबाजों के लिए टीम में लंबे समय तक बनाए रखना बड़ी चुनौती होता जा रहा है। इसी वजह से उमेश यादव कई बार टीम से अंदर-बाहर होते रहे हैं। लेकिन जब भी उन्हें खेलने का मौका मिला है, उन्होंने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया है।

उमेश यादव को हमेशा अनदेखा किया गया
लंबे समय से जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और ईशांत शर्मा भारतीय टेस्ट टीम की पहली पसंद रहे हैं। ऐसे में किसी भी गेंदबाज के चोटिल होने के बाद ही बैकअप के तौर पर उमेश यादव को खेलने का मौका मिलता है। भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने उमेश यादव के साथ सहानुभूति रखते हुए दावा किया कि उन्हें भारतीय टीम में "हमेशा अनदेखा" किया गया था।

पुलिस ऑफिसर बनना चाहते थे उमेश यादव
अपने 'राइज़ ऑफ़ न्यू इंडिया' शो पर क्रिकबज से बात करते हुए कार्तिक ने उमेश यादव को लेकर कहा कि उमेश यादव के पुलिस ऑफिसर बनना चाहते थे। लेकिन किस्मत ने पलटी मारी और वह तेज गेंदबाज बन गए। कार्तिक ने कहा कि साल 2010 के दौरान उमेश यादव अपने क्रिकेट करियर के पिक पर थे। उमेश ने साल 2008 में विदर्भ के लिए खेलना शुरू किया, जिसके बाद साल 2010 में उन्हें भारतीय टीम में जगह दी गई थी। लेकिन वह लगातार टीम के सदस्य कभी नहीं रहे।

दमदार प्रदर्शन के बावजूद होते थे टीम से बाहर
दिनेश कार्तिक ने कहा कि जब किसी टीम के पास जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी जैसा तेज गेंदबाज होता है, तो ऐसे में दूसरे तेज गेंदबाजों के लिए टीम में जगह बनाना आसान नहीं होता। ईशांत शर्मा और उमेश यादव हमेशा टीम के तीसरे पसंदीदा गेंदबाज होते थे। कार्तिक ने कहा कि कई बार विकेट लेने के बावजूद उमेश यादव को अगले मैच से बाहर होना पड़ता था जो किसी भी खिलाड़ी के मनोबल को तोड़ने वाली बात है।

मेगा ऑक्शन में नहीं मिला था कोई खरीददार
पिछले साल यानी 2022 के मेगा ऑक्शन में उमेश यादव अनसोल्ड रह गए थे। कार्तिक ने कहा कि उमेश यादव को कई बार नजरअंदाज किया गया और इससे उन्हें वास्तव में दुख हुआ होगा क्योंकि हर बार जब वह आए तो उन्होंने दो या तीन विकेट लेने का काम किया। मुझे लगता है कि उनके लिए सबसे कठिन समय वह था जब वह आईपीएल 2022 नीलामी में नहीं बिके थे। इससे उन्हें वास्तव में बहुत बुरा लगा होगा। हालांकि, उमेश को बाद में केकेआर ने लिया और उन्होंने 12 मैचों में सिर्फ 7.06 की इकॉनमी रेट से 16 विकेट लेकर एक बार फिर भारतीय टी-20 टीम में वापसी की।












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