वर्ल्‍ड कप जीतने पर दीप्‍ती शर्मा की मां ने लगाए भारत की जय के नारे, खिलाड़ी बेटी ने भावुक होकर दिया ये मैसेज

Women's World Cup 2025: भारत के इतिहास में 2 नवंबर 2025 की तारीख हमेशा के लिए दर्ज हो गई है। ये इतिहास भारत की बेटियों ने देश को पहली बार महिला विश्‍व कप दिलवाकर रचा है। भारतीय महिला क्रिकेटी टीम ने रविवार की रात महिला क्रिकेट में पहली बार वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया।

भारत को पहला आईसीसी महिला विश्व कप खिताब दिलाने के लिए दीप्ती शर्मा ने धमाकेदार अंदाज में खेलते हुए अपना बल्ला चलाया और फिफ्टी जड़ दिया। इस ऐतिहासिक जीत में उन्होंने 58 रन बनाए और फिर पांच विकेट लेकर भारत को डीवाई पाटिल स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर अपना पहला आईसीसी महिला विश्व कप खिताब जीतने में मदद की।

Women s World Cup 2025

दीप्ति के शानदार प्रदर्शन ने उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का पुरस्कार दिलाया। इसके साथ ही वह भारत की महानतम मैच विजेताओं में शुमार हो गईं। उन्होंने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 21 विकेट लिए, हर स्पेल में शांति और नियंत्रण का प्रदर्शन किया।

भारत की जीत पर खुशी से झूम उठी द‍ीप्‍ती की मां

वहीं क्रिकेटर दीप्ति शर्मा की माँ भारतीय वूमेंस टीम की जीत पर खुशी से झूम उठी। उन्‍होंने 'इंडिया', 'भारत माता की जय' और अपनी बेटी का नाम लेकर अपनी खुशी का इज़हार किया। उन्होंने कहा, "दीप्ति ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। वह हमारी उम्मीदों पर खरी उतरी है। उसने देश का नाम रोशन किया है... मैं पूरी टीम और पूरे देश को बधाई देना चाहती हूँ। उसने पूरे देश का सपना पूरा किया है।"

दीप्ती शर्मा बोलीं- मुझे चुनौतियां पसंद है

वहीं मैच के बाद की दीप्ति शर्मा ने कहा, "मुझे दी गई हर भूमिका का हमेशा आनंद आता है। मुझे चुनौतियाँ पसंद हैं - मुझे आज स्थिति के अनुसार खेलना पड़ा, और मैंने बल्ले और गेंद दोनों से अपनी भूमिका का आनंद लिया।"

दी‍प्‍ती शर्मा ने अपनी जीत मां-पिता को स‍मर्पित किया

लेकिन जब उनसे पूछा गया कि इस जीत का उनके लिए क्या मतलब है, तो दीप्ति के जवाब ने इस भावनात्मक रात को वास्तव में अविस्मरणीय बना दिया। उन्होंने कहा, "मैं बस यह कहना चाहती थी कि मैं यह ट्रॉफी अपनी माँ और पिताजी को समर्पित करना चाहूँगी।" उनकी आवाज़ स्थिर थी, लेकिन उनकी आँखों में चमक थी।

यह खेल से परे एक क्षण था - एक बेटी का सपना पूरा हुआ, एक राष्ट्र का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। दीप्ति ने अपनी जीत में भी शालीनता दिखाई, दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ड की सराहना की, जिनके जुझारू शतक ने मैच को अंत तक जीवंत रखा था।

दीप्ति ने कहा, "लौरा ने बहुत अच्छी पारी खेली। लेकिन हम शांत और केंद्रित रहे। एक टीम के रूप में, हम बस खुद से कहते रहे कि आखिरी गेंद तक लड़ो... और हमने ऐसा किया। हमने विश्व कप जीत लिया है।"

भारत के लिए, यह वह रात थी जब दिल टूटना इतिहास में बदल गया - और इसके केंद्र में दीप्ति शर्मा खड़ी थीं, भारत की सुनहरी लड़की, जिसने अपने विश्व को उन लोगों को समर्पित किया जिन्होंने उसे आकार दिया।

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