'रात को आती थी गोलियां चलने की आवाज, हम छुपकर रहते थे', भारत को लेकर पूर्व पाक खिलाड़ी ने उगला जहर
Basit Ali Shocking Statement on India: चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) आईसीसी पर दबाव डाल रही है। पीसीबी ने शुरू में हाइब्रिड मॉडल के तहत टूर्नामेंट कराने पर आपत्ति जताई थी, लेकिन आईसीसी के दबाव में उसे यह मानना पड़ा। अगर पीसीबी इस मॉडल को स्वीकार नहीं करता, तो मेज़बानी पाकिस्तान से छिन सकती थी।
पाकिस्तान के कई पूर्व क्रिकेटर ने जताई नाराजगी
आखिरकार पीसीबी ने इसे स्वीकार करते हुए हाइब्रिड मॉडल के तहत टूर्नामेंट कराने पर सहमति जताई। पीसीबी की यह हार पाकिस्तान के कुछ पूर्व क्रिकेटर्स को चुभ रही है। पाकिस्तान के कई पूर्व क्रिकेटर भारत के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे हैं और अपनी नाराजगी व्यक्त करने के लिए नए-नए तरीके खोज रहे हैं।

बासित अली ने कही ये बात
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे दी है। बासित अली के अलावा दूसरे पाक क्रिकेटर भी बीसीसीआई पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। बासित अली का मानना है कि पीसीबी को अपनी स्थिति को मजबूती से रखना चाहिए था, लेकिन अब वह अपने देश की प्रतिष्ठा को बचाने के लिए किसी तरह समझौता करने को मजबूर हो गए हैं।
साल 2016 बासित अली गए थे इंडिया
बासित अली ने 2016 में भारत के दौरे पर महिला क्रिकेट टीम के साथ अपने अनुभव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट पर उनकी टीम को छह घंटे तक रोका गया था और उस दौरान उन्हें बसों में छुपकर रखा गया था। रात के समय, टीम को यात्रा के लिए भेजा गया था और तीन अलग-अलग बसों में यात्रा कर रही महिला टीम को यह तक नहीं पता था कि कौन सी बस में कौन सी खिलाड़ी हैं।
खिलाड़ियों को शिकायत करने के लिए किया गया था मना
उन्होंने आगे कहा कि उनके ठहरने के लिए जो जगह निर्धारित की गई थी, वह कोई होटल नहीं थी, बल्कि स्टेडियम के बाहर की एक अकादमी जैसी जगह थी। इसके बाद, जब वे वहां पहुंचे, तो देखा कि वहां अलमारियां लगाई जा रही थीं, जिससे यह स्पष्ट था कि वह जगह एक अस्थायी ठिकाना थी। उन्होंने बताया कि भारत में उनके लिए नाश्ते के दौरान जो खाना दिया गया, वह बेहद खराब था, और इस पर शिकायत करने की अनुमति नहीं थी, क्योंकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने खिलाड़ियों को हिदायत दी थी कि वे किसी भी प्रकार की शिकायत न करें।
रात को आती थी गोलियों की आवाज
इसके अलावा उन्होंने यह भी खुलासा किया कि रात के समय भारत में गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, जो खिलाड़ियों और स्टाफ मेंबर्स के लिए सोना मुश्किल कर देती थी। खासकर महिला खिलाड़ियों को इस दौरान डर लगता था। इस मुद्दे पर उन्होंने अपनी चेयरपर्सन से बात की थी लेकिन उन्होंने केवल क्रिकेट खेलने के लिए कहा था, और इसके अलावा कोई मदद नहीं की थी।












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