क्या मैं मूर्ख हूं? भड़क गया 99 टेस्ट खेलने वाला भारतीय कप्तान, कोर्ट जाने की कर ली तैयारी
हैदराबाद इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम से मोहम्मद अजहरुद्दीन का नाम हटाने के फैसला लिया गया है। इसके बाद अजहरुद्दीन ने मामले को हाई कोर्ट में लेकर जाने की बात कही है। अजहर ने कहा कि मैं निश्चित तौर पर इस मामले के लिए क़ानूनी मदद लूंगा।
स्टेडियम में स्टैंड्स पर लगा नाम हटाने का आदेश लोकपाल ने दिया है। इसके अलावा हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन को एक आदेश मिला है, जिसमें कहा गया है कि वह अजहरुद्दीन के नाम से टिकट्स भी जारी नहीं करें। अब अजहर ने इस पर अपना बयान दिया है।

पीटीआई के अनुसार अजहर ने कहा कि इस आदेश पर रोक लगाने के लिए में उच्च न्यायालय में जाकर अपील करूँगा और क़ानूनी मदद लूँगा। लोकपाल ने किसकी याचिका पर कार्रवाई की है। यह एक ऐसा क्रिकेट संघ है, जो प्लेयर्स का सम्मान नहीं करता है।
अजहर पर आरोप था कि उन्होंने खुद ही स्टैंड पर नाम लगाने की मंजूरी दे दी। शीर्ष पद पर बैठा व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता है। यह हितों के टकराव से जुड़ा मामला है। शीर्ष परिषद का कोई सदस्य अपने पक्ष में कोई फैसला नहीं ले सकता है। लोकपाल ईश्वरैया ने अपने फैसले में कहा कि आम सभा ने इसे लेकर कोई संसोधन/अनुसमर्थन नहीं किया, इस वजह से प्रतिवादी संख्या 1 (अजहरुद्दीन) के खिलाफ मामला मजबूत बन जाता है। आप जाकर देख सकते हैं कि नॉर्थ स्टैंड में पवेलियन का नाम लक्ष्मण के नाम पर है।
उल्लेखनीय है कि हैदराबाद के लॉर्ड्स क्रिकेट क्लब ने फरवरी में अजहर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए स्टैंड का नाम हटाने और इसे वीवीएस लक्ष्मण के नाम से ही रखने की मांग की थी। अजहर ने इसे लेकर कहा कि क्या मैं मूर्ख हूँ जो ऐसे प्लेयर का नामा हटाऊंगा, जिसने 100 टेस्ट खेले हों। मामला तब का है, जब अजहर 2019 में में हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष थे और नॉर्थ पवेलियन स्टैंड पर अपना नाम लगाया था।
गौरतलब है कि अजहर ने भारतीय टीम के लिए 99 टेस्ट मुकाबले खेले हैं, इसके अलावा टीम इंडिया के लिए उन्होंने 334 एकदिवसीय मैच खेले और कप्तानी भी की।












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