अजिंक्य रहाणे बोले- मैं लगातार खेल रहा था वनडे क्रिकेट फिर अचानक कर दिया बाहर

नई दिल्ली। भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के सीनियर बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे इस समय अपने करियर के बेहद खराब दौर से गुजर रहे है। एक साल पहले जब वो ऑस्ट्रेलिया में कंगारू टीम को टेस्ट सीरीज में हराने वाले दूसरे भारतीय कप्तान बने थे तो लोग उन्हें टीम में अगले कप्तान के रूप में देख रहे थे लेकिन सिर्फ 12 महीनों में हालात इतने बदल चुके हैं कि अब वो श्रीलंका के खिलाफ खेली जाने वाली 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में अपनी जगह बचा पाने में नाकाम नजर आ रहे हैं। पिछले 12 महीनों में अजिंक्य रहाणे ने बल्लेबाजी में भी काफी संघर्ष किया है और 13 मैचों 26 पारियों में 20.83 की औसत से सिर्फ 479 रन ही बना सके, जिसके चलते उन्हें दिसंबर 2021 में टेस्ट क्रिकेट की उपकप्तानी के पद से भी हटा दिया गया।
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साउथ अफ्रीका के खिलाफ उसके घर पर खेले गये इस साल 2 टेस्ट मैचों में भी उनका बल्ला नहीं चला और वो 4 पारियों में एक अर्धशतक के साथ सिर्फ 68 रन ही बना पाये हैं। भारतीय टीम के सबसे सीनियर बल्लेबाज और मध्यक्रम बैटिंग का अहम हिस्सा रहे इस खिलाड़ी को अब टीम से बाहर निकालने की मांग की है।

घर बैठकर कोई भी रन नहीं बना सकता
इस बीच अजिंक्य रहाणे ने बैकस्टेज विद बोरिया शो में शिरकत की और बल्लेबाजी में लगातार जारी अपने संघर्ष पर बात करते हुए बताया कि इसके पीछे उनका सिर्फ एक ही प्रारूप में खेल पाना बड़ा कारण रहा है।
रहाणे ने इंटरव्यू में बात करते हुए कहा,'कई बार सच्चाई यही होती है कि जब आप सिर्फ एक ही फॉर्मेट में खेल रहे होते हैं, खासतौर से पिछले 2-3 सालों में, जहां पर कोई रणजी क्रिकेट नहीं या कोई और घरेलू क्रिकेट आपको खेलने को नहीं मिलता तो आपको ऐसी फॉर्म का सामना करना पड़ सकता है। मुझे लगता है आपको इन चीजों का भी ध्यान रखना चाहिये क्योंकि घर बैठकर कोई भी खिलाड़ी रन नहीं बना सकता।'

सिर्फ नेट सेशन से नहीं आता विश्वास
उल्लेखनीय है कि भारत में घरेलू स्तर पर रेड बॉल क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी का आखिरी सीजन 2018-19 में खेला गया था, जिसके बाद कोरोना महामारी के चलते 2019-20 और 2020-21 सीजन को कैंसिल करना पड़ा था। वहीं 2021-22 के सीजन को भी अपने तय समय पर आयोजित नहीं किया जा सका है, और अब उसे आईपीएल से पहले और बाद की विंडो के दो चरणों में आयोजित कराने का फैसला लिया है। इस टूर्नामेंट का आगाज इस महीने 17 फरवरी से किया जाना है।
रहाणे ने आगे बात करते हुए कहा,'इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप नेट सेशन में कितना अभ्यास करते हैं, आपको नेट सेशन पर प्रैक्टिस कर के कभी आत्म-विश्वास नहीं मिलेगा, यह कॉन्फिडेंस मैच के अंदर बिताये गये समय और रन बनाकर ही मिलता है।'

अचानक से वनडे से कर दिया गया बाहर
भारतीय टीम के इस बल्लेबाज ने आगे बात करते हुए बताया कि साल 2014-17 के बीच उन्हें वनडे और टेस्ट टीम में नियमित रूप से मौका दिया जा रहा था, जिसका फायदा उनके प्रदर्शन में भी नजर आया, हालांकि उसके बाद ऐसा बहुत मुश्किल ही हो सका।
उन्होंने कहा,'2017 से पहले मैं लगातार वनडे क्रिकेट में भारतीय टीम का हिस्सा था और मैं काफी अच्छा प्रदर्शन भी कर रहा था, लेकिन अचानक से ही मुझे टीम से बाहर कर दिया गया। मैं उस बात में ज्यादा नहीं जाना चाहूंगा, मैं बीती बातों में नहीं जाना चाहता लेकिन सच्चाई यही है कि 2014, 15, 16 और 17 में मैं वनडे और टेस्ट टीम का हिस्सा था और अच्छा कर रहा था। इसके बाद मुझे शायद ही ऐसा मौका मिला और टेस्ट मैचों के आयोजन में काफी गैप भी होता है।'












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