4 लाख से गुजारा नहीं! शमी से अब कितनी 'बड़ी रकम' मांग रही हैं हसीन जहां? सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस
टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। उनका निजी और कानूनी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे तक पहुंच गया है। शमी की पत्नी हसीन जहां ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा स्वीकृत भरण-पोषण (Alimony) की राशि को 'अपर्याप्त' बताया है और इसे बढ़ाने की मांग की है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले पर संज्ञान लेते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने शमी और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। यह कानूनी घटनाक्रम दोनों के बीच 2018 से चले आ रहे विवाद में एक नया मोड़ है, जिसने शमी की निजी जिंदगी और क्रिकेट करियर दोनों को प्रभावित किया है।

क्या है मामला? क्यों नाकाफी है ₹4 लाख की राशि?
हसीन जहां ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें और उनकी बेटी के भरण-पोषण के लिए शमी द्वारा मासिक तौर पर ₹4 लाख की राशि स्वीकृत की गई थी।
- स्वीकृत राशि: कलकत्ता हाई कोर्ट ने हसीन जहां को ₹1.5 लाख प्रति माह और उनकी बेटी के खर्च के लिए ₹2.5 लाख प्रति माह देने का आदेश दिया था।
- याचिका का आधार: हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में दावा किया है कि ₹4 लाख की कुल राशि उनके और उनकी बेटी के लिए पर्याप्त नहीं है, जिसके बाद उन्होंने इसे बढ़ाने की मांग की है।
- SC का एक्शन: इस याचिका पर सुनवाई करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद शमी और पश्चिम बंगाल सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है। इस अवधि के बाद मामले की अगली सुनवाई निर्धारित की जाएगी।
घरेलू हिंसा से भरण-पोषण तक: विवाद की जड़
मोहम्मद शमी और हसीन जहां 2018 से कानूनी और व्यक्तिगत विवादों में उलझे हुए हैं। इन विवादों की जड़ में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और भरण-पोषण को लेकर लंबी कानूनी लड़ाई शामिल है।
- आपराधिक मामला: इन आरोपों के चलते शमी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया था।
- BCCI द्वारा क्लीन चिट: बीसीसीआई (BCCI) ने भले ही शमी को मैच फिक्सिंग के आरोपों से क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन पति-पत्नी के बीच निजी और कानूनी मुद्दे लगातार बढ़ते रहे हैं।
शमी का रुख: क्रिकेट पर फोकस, विवादों से दूरी
इन व्यक्तिगत और कानूनी विवादों के बीच, मोहम्मद शमी ने हमेशा क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही है। एक इंटरव्यू में जब उनसे शादी पर पछतावे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा था: 'उसे छोड़ दें। मैं अतीत पर कभी पछतावा नहीं करता। जो चला गया, वह चला गया। मैं खुद समेत किसी को दोष नहीं देना चाहता। मैं अपने क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं। मुझे इन विवादों की ज़रूरत नहीं है।'
जब क्रिकेटरों की शादियों में विवादों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया, 'जांच करना आपका काम है। आप हमें फांसी क्यों देना चाहते हैं? दूसरा पक्ष भी देखिए। मैं क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करता हूं, विवादों पर नहीं।'












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