2007 टी20 विश्व कप का फाइनल था जोगिंदर का आखिरी मैच, 2011 में मौत को मात देकर लौटे थे ग्राउंड पर
39 साल के हो चुके जोगिंदर शर्मा ने बीसीसीसीआई सचिव जय शाह को एक चिट्ठी लिखकर अपने रिटायरमेंट की जानकारी दी है। 2007 टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल मैच ही उनके करियर का आखिरी मैच था।
2007 टी20 विश्व कप में भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले तेज गेंदबाज जोगिंदर शर्मा ने शुक्रवार को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। 39 साल के हो चुके जोगिंदर शर्मा ने बीसीसीसीआई सचिव जय शाह को एक चिट्ठी लिखकर अपने रिटायरमेंट की जानकारी दी है। इस चिट्ठी में जोगिंदर शर्मा ने बीसीसीआई, हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन, चेन्नई सुपरकिंग्स और हरियाणा सरकार का शुक्रिया अदा दिया है। बता दें कि जोगिंदर ने हरियाणा से घरेलू क्रिकेट खेला था और आईपीएल में वो चेन्नई सुपरकिंग्स और गुजरात जॉयंट्स के लिए खेल चुके हैं।

2004 में इंटरनेशनल डेब्यू कर चुके थे जोगिंदर शर्मा
काफी लंबे समय से ही इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेल रहे जोगिंदर शर्मा क्रिकेट की दुनिया का एक ऐसा नाम रहे जो एकदम से फेमस हुए और फिर एकदम से ही गुमनामी में चले गए। जी हां, 2004 में अपना इंटरनेशनल डेब्यू कर चुके जोगिंदर शर्मा को 2007 टी20 वर्ल्ड कप से पहले शायद ही कोई जानता था, लेकिन 2007 टी20 वर्ल्ड कप से उन्हें पूरी दुनिया जानने लगी। जोगिंदर शर्मा ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू दिसंबर 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ किया था। वहीं 2007 टी20 विश्व कप में वो फाइनल मैच के बाद से ज्यादा सुर्खियों में आए थे।

टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल से मिली थी पहचान
2007 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत का मुकाबला पाकिस्तान से था। भारत ने इस खिताबी मुकाबले में पाकिस्तान को हराकर विश्व चैंपियन का टाइटल अपने नाम कर लिया था। इस जीत में जोगिंदर शर्मा का सबसे बड़ा योगदान था, क्योंकि उन्होंने ही मैच का आखिरी ओवर डाला था, जिसमें पाकिस्तान को जीत के लिए 13 रन की जरूरत थी। जोगिंदर से आखिरी ओवर कराने का फैसला कप्तान धोनी का था और वो भी तब जब अनुभवी स्पिनर हरभजन सिंह का एक ओवर बचा हुआ था। ऐसे में आखिरी ओवर में 13 रन बचाना जोगिंदर के लिए चुनौतीपूर्ण था। इस ओवर में जोगिंदर ने एक गेंद वाइड डाल दी थी, जबकि एक गेंद पर छक्का खा लिया था और उसके बाद उन्होंने मिस्बाह उल हक को आउट भी कर दिया था। इसी के साथ भारत वर्ल्ड चैंपियन बन गया था।

2007 टी20 वर्ल्ड कप के बाद नहीं मिला मौका
आपको जानकर हैरानी होगी कि 2007 टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल मैच ही जोगिंदर के करियर का आखिरी मैच भी रहा। इस मैच के बाद उन्हें कभी भी इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका नहीं मिला। जोगिंदर शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में 3.3 ओवर की गेंदबाजी की थी, जिसमें उन्होंने 20 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए थे। जोगिंदर शर्मा ने इस मैच यूनुस खान और मिस्बाह उल हक का ही विकेट लिया था। वैसे इस पूरे टूर्नामेंट में जोगिंदर शर्मा का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। उन्होंने टूर्नामेंट में 4 मुकाबले खेले थे, जिसमें उन्होंने कुल 4 विकेट हासिल किए थे। जोगिंदर ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी 2 विकेट लिए थे।

2011 में जोगिंदर का हुआ था एक्सीडेंट
2007 टी20 विश्व कप के फाइनल के बाद तो जोगिंदर शर्मा एकदम क्रिकेट से दूर से ही हो गए थे। 2011 में उनके साथ एक बहुत बड़ी घटना घटी थी। दरअसल, वो एक खतरनाक एक्सीडेंट का शिकार हो गए थे। इस हादसे में उनके सिर में चोट लगी थी। कहते हैं कि डॉक्टर भी यह उम्मीद छोड़ चुके थे कि जोगिंदर अब नहीं बचेंगे, लेकिन जोगिंदर ने मौत को मात दे दी और मैदान पर वापसी की। इस एक्सीडेंट के बाद जोगिंदर शर्मा हरियाणा के लिए रणजी ट्रॉफी भी खेले थे। बाद में हरियाणा सरकार ने जोगिंदर को डीएसपी के पद भी नियुक्त किया था।












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