UP News: पटरी पर स्लीपर रखकर ट्रेन पलटाने की साजिश? पायलट ने समय रहते देख लिया, हादसा टला
UP News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद के दुद्धी और महुअरिया रेलवे स्टेशन के बीच में शरारती तत्वों द्वारा रेलवे ट्रैक पर शुक्रवार की रात्रि में स्लीपर रख दिया गया। स्लीपर रखकर शरारती तत्वों द्वारा ट्रेन को पलटने की साजिश की गई।
संयोग अच्छा था कि यह वक्त पर ट्रेन के पायलट की निगाह रेलवे लाइन के बीच में रखे स्लीपर पर पहुंच गई। उसके बाद लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। ट्रेन रोकने के बाद उसने आरपीएफ और जीआरपी को सूचना दी।

सूचना मिलने के बाद आरपीएफ और जीआरपी के जवान मौके पर पहुंचे तो रेलवे ट्रैक पर रखे स्लीपर को हटाया गया। उसके बाद रात 1:19 बजे ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। इस मामले में आफ और जीआरपी द्वारा जांच शुरू कर दी गई है।
12:37 बजे दुद्धी नगर रेलवे स्टेशन से छुटी थी ट्रेन
बताया जा रहा है कि शुक्रवार की रात में 18310 डाउन टाटा जम्मूतवी एक्सप्रेस रात में 12:37 बजे दुद्धी नगर रेलवे स्टेशन आगे के लिए रवाना हुई थी। ट्रेन करीब रात करीब 12:45 के आसपास दुद्धी नगर होते हुए महुअरिया के बीच धनौरा गांव के पास पोल संख्या 76/06 के समीप पहुंची।
बताया जा रहा है कि इस दौरान पायलट को रेलवे ट्रैक पर रखा हुआ स्लीपर दिखाई दिया। स्लीपर दिखाई देने के बाद लोको पायलट ने तत्काल ट्रेन में आपातकालीन ब्रेक लगा दिया। आपातकालीन ब्रेक लगाने के बाद भी ट्रेन स्लीपर के पास तक पहुंच गई।
उसके बाद ट्रेन के इंजन के अगले हिस्से में काउकैचर में स्लीपर फंस गया। हालांकि ट्रेन में पायलट ने पहले से ही ब्रेक लगा दी थी ऐसे में थोड़ी दूर जाने के बाद ट्रेन रुक गई। ट्रेन रुकने के बाद जब पायलट नीचे उतरकर देखा तो उसके होश उड़ गए।
पायलट द्वारा तत्काल इसकी सूचना दुद्धी नगर रेलवे स्टेशन के अधीक्षक एनके सिंहा और महुअरिया रेलवे स्टेशन के अधीक्षक अरुण पांडेय को दी गई। जानकारी मिलने के बाद अधीक्षक द्वारा इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी गई।
कंट्रोल रूम द्वारा तत्काल मौके पर जीआरपी और आरपीएफ को भेजा गया। आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने मौके पर पहुंचकर रेलवे ट्रैक पर रख स्लीपर को हटाया। उसके बाद जांच पड़ताल की गई और ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।
इस घटना के चलते रेलवे ट्रैक पर करीब आधे घंटे तक जम्मू तवी एक्सप्रेस खड़ी रही। फिलहाल इस मामले में आरपीएफ और जीआरपी द्वारा जांच की जा रही है। कहा यह भी जा रहा है कि यह किसी एक आदमी के बस की बात नहीं है।
4 से 5 लोग मिलकर ही सीमेंटेड स्लीपर को उठा सकते हैं और उसे उठाने के बाद रेलवे ट्रैक पर रख सकते हैं। ऐसे में किसी साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच की जा रही है।












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