Sitapur News: बजरंगी के मंदिर में कत्ल-ए-आम... पुजारी के खून से 'हनुमान' ने रंगे हाथ!
उत्तरप्रदेश पुलिस ने सीतापुर जिले के हनुमान मंदिर में हुई पुजारी की हत्या का खुलासा करते हुए तीन हत्यारों को गिरफ्तार किया हैं। जिन्होंने मंदिर में घुसकर हत्या की इस सनसनीखेज़ वारदात को अंजाम दिया था।
मंदिर के फर्श पर मिली पुजारी की लाश
दरअसल, सीतापुर जनपद के थाना महमूदाबाद क्षेत्र अंतर्गत हनुमान मंदिर में 20 दिसंबर 2023 को पुजारी बाबा विजयदास की खून से लथपथ लाश मिली थी। पुजारी बाबा विजयदास की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या की गईं थी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था और मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी थी।

पुजारी के भाई ने गाँव के 4 लोगों पर जताया शक
पुलिस को मृतक पुजारी बाबा विजयदास के भाई रामवरन ने मदारीपुर थाना महमूदाबाद निवासी चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। जिसके आधार पर पुलिस ने हत्यारों की तलाश करने लगी, लेकिन पुलिस को कोई कामयाबी नहीं मिल पा रही थी। जिसके बाद पुलिस टीम ने अपने मुखबिरों को सक्रिय कर दिया। जिसके चलते पुलिस ने हत्या में शामिल 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

हनुमान ने भी रंगे थे पुजारी के खून से हाथ
वहीं पुलिस ने हत्या में शामिल जिन 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया, उनमे विनोद और किढ़ीपाल नाम के आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है। जबकि हनुमान नाम का हत्यारोपी अभी भी फरार है। हनुमान ने पकडे गए दोनों साथियों के साथ मिलकर हनुमान मंदिर के पुजारी बाबा विजयदास की निर्मम तरीके से तब तक पिटाई की जब तक उनकी मौत नहीं हो गई। हत्या के बाद तीनों मौके से फरार हो गए थे।

पहले पी शराब फिर हैण्डपंप पर हाथ धोकर किया क़त्ल
पुलिस पूछताछ के दौरान बेहद ही चौकाने वाली बात सामने आई। हत्या से पहले तीनों आरोपी विनोद, कीढ़ीपाल व हनुमान ने साथ बैठकर शराब पी और फिर मंदिर में पहुंचकर एक साथ हाथ धोए। इस दौरान जैसे ही बाबा विजयदास ने उन्हें टोका तो तीनों ने उनपर हमला कर दिया। उन्होंने पुजारी बाबा की पास पड़े डंडे से मार-मारकर हत्या कर दी।
टॉवर की रकम बनी हत्या की वजह
पुलिस तफ़्तीश में पता चला कि बाबा विजयदास ने विनोद से टावर लगवाने के नाम पर 20 हजार रुपये लिए थे। लेकिन काफी वक्त बीत जाने पर भी बाबा ने टॉवर नहीं लगवाया था। जिसको लेकर विनोद की कई बार बहस भी हो चुकी थी। विनोद ने रकम वापस देने की बात कही और इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। माना जा रहा है कि यही विवाद हत्या की वजह बना।
खुलासे में लगी थी विशेष पुलिस की टीम
अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी डॉ प्रवीन रंजन के मुताबिक़ हत्या की वारदात के बाद से ही परिजनों से मिली तहरीर के आधार पर तफ़्तीश की गई। बकायदा खुलासे के लिए एक टीम भी गठित की गई थी। जिसके चलते घटना का सफल अनावरण करते हुए दो मुजरिमो को अरेस्ट कर लिया गया है। साथ ही उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल डंडा भी बरामद कर लिया गया है।












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