up primary school: स्कूल में पूरी रात हुआ फूहड़ डांस, वीडियो वायरल होते ही हेडमास्टर सस्पेंड, जानें पूरा मामला
up primary school: सोनवा थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नासिरगंज में अश्लील डांस का वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा एक्शन लिया गया है। वीडियो के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक विजय कुमार वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
वीडियो में कुछ लोग फूहड़ गानों पर नर्तकियों के साथ ठुमके लगाते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं, वहां मौजूद कुछ लोगों ने पैसे भी उड़ाए। वहीं, एक युवक को लाठी से पीटे जाने का दृश्य भी वीडियो में कैद हुआ। इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं।

कुछ लोगों का कहना है कि इस आयोजन में प्रधानाध्यापक की लापरवाही ही नहीं, बल्कि ग्राम प्रधान का भी दबाव था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्कूल प्रशासन को इस मामले की जानकारी होनी चाहिए थी, लेकिन प्रधानाध्यापक ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया और बीएसए अजय कुमार ने प्रधानाध्यापक को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। इस मामले में जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
शादी समारोह में विद्यालय बना डांस फ्लोर
नासिरगंज बाजार के निवासी आकाश नाग का शुक्रवार को विवाह था। विवाह से एक दिन पहले गुरुवार की रात हल्दी और महिला संगीत का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के लिए घर के पास स्थित प्राथमिक विद्यालय नासिरगंज को चुना गया।
विद्यालय में नर्तकियों को बुलाकर डांस कराया गया, जिसमें स्थानीय लोग भी शामिल हुए। इस दौरान फूहड़ गानों पर डांस हुआ और लोगों ने जमकर पैसे भी उड़ाए। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला शिक्षा विभाग तक पहुंच गया।
प्रधानाध्यापक ने दी सफाई
प्रधानाध्यापक विजय कुमार वर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें इस आयोजन की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि विद्यालय का मुख्य गेट टूटा हुआ था, जिसकी जानकारी ग्राम सचिव को पहले ही दी जा चुकी थी।
उनका कहना है कि स्कूल में घुसकर यह कार्यक्रम किया गया और सुबह वीडियो वायरल होने के बाद ही उन्हें इस बारे में पता चला। हालांकि, प्रशासन ने उनकी सफाई को नजरअंदाज करते हुए उन पर कार्रवाई कर दी है।
प्रधानाध्यापक पर सिर्फ इस मामले में ही नहीं, बल्कि कई अन्य मामलों में भी गंभीर आरोप लगे हैं। निलंबन आदेश में बताया गया कि विद्यालय में मिड डे मील की व्यवस्था सही नहीं थी, छात्रों की उपस्थिति बेहद कम पाई गई, स्कूल परिसर अत्यंत गंदा था और चारदीवारी व गेट की मरम्मत भी नहीं कराई गई थी।
इसके अलावा, विद्यालय के लिए दी गई कंपोजिट ग्रांट का सही उपयोग न करने और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का भी आरोप प्रधानाध्यापक पर लगा है। इन सभी कारणों के चलते शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है।
निलंबन के बाद क्या होगा आगे?
बीएसए अजय कुमार ने बताया कि प्रधानाध्यापक को निलंबन के दौरान मूल विद्यालय से ही संबद्ध रखा जाएगा। वहीं, इस मामले की जांच भी की जाएगी। अगर प्रधानाध्यापक दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं पर नजर रखें और स्कूल परिसरों के दुरुपयोग को रोका जाए।
सोशल मीडिया पर उठा बवाल
इस वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर खूब बवाल मचाया है। लोग इस मामले पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे प्रशासन की बड़ी लापरवाही बता रहे हैं, तो कुछ इसे ग्राम प्रधान की मिलीभगत का नतीजा मान रहे हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारी भी अब इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच में जुट गए हैं। देखना होगा कि इस मामले में आगे और कौन-कौन से नए खुलासे होते हैं।












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