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जयराम ठाकुर के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है लोकसभा चुनाव 2019

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Shimla news, शिमला। हिमाचल की जयराम ठाकुर सरकार के एक साल के कार्यकाल के बीच मौजूदा लोकसभा चुनाव मुख्यमंत्री के लिये किसी चुनौती से कम नहीं हैं। प्रदेश की चार लोकसभा सीटों को जीतने का सारा दारोमदार जय राम ठाकुर पर ही है। चूंकि इस बार भाजपा के करिशमाई नेता शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल चुनावी परिदृशय से दूर हैं।

कई नेताओं ने छोड़ी बीजेपी

कई नेताओं ने छोड़ी बीजेपी

पिछले चुनावों में प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद मोदी लहर के चलते भाजपा ने प्रदेश की चारों सीटों पर कब्जा जमाया था। लेकिन इस बार हालात कुछ और हैं। भाजपा दो मौजूदा सांसदों शांता कुमार और वीरेंद्र कश्यप का टिकट काट चुकी है। जिससे अब चार सीटों को जीतने की जिम्मेवारी सीएम के ऊपर ही आ गई है। पार्टी ने दो मौजूदा विधायकों को लोकसभा का टिकट उनकी ही सिफारिश पर दिया है। शांता कुमार अपनी नाराजगी जगजाहिर कर चुके हैं।

चार सीटों में होगा मुकाबला

चार सीटों में होगा मुकाबला

लिहाजा, कुछ भाजपा विधायकों व नेताओं में अंसतोष व लोगों की नाराजगी के बीच चुनावों में सीएम की डगर आसान नहीं है। बीते दिनों भाजपा से पूर्व केन्द्रिय मंत्री पंडित सुखराम अपने पोते आश्रय शर्मा के साथ भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुये और उसके बाद अनिल शर्मा का मंत्रिमंडल से बाहर होने के बाद अब पूर्व सांसद सुरेश चंदेल भी भाजपा को अलविदा कह चुके हैं। जिससे भाजपा के चुनावी प्रचार पर साफ असर देखा जा सकता है। मंडी सीएम का गृह क्षेत्र है। मंडी सीट की जीत सुनिश्चित करने का दवाब उन पर है।

सुरेश चंदेल के कांग्रेस में जाने से होगा फर्क

सुरेश चंदेल के कांग्रेस में जाने से होगा फर्क

मंडी व हमीरपुर संसदीय चुनाव क्षेत्रों में भाजपा की चुनावी मुहिम पर बगावत की वजह से खासा असर पड़ा है। मंडी में तो भाजपा प्रत्याशी राम स्वरूप शर्मा के सुखराम परिवार की वजह से पसीने छूट रहे हैं। कुछ ऐसे ही हालात हमीरपुर में बनते नजर आ रहे हैं। भाजपा हमीरपुर को सबसे सुरक्षित सीट मानती रही है। लेकिन चंदेल के कांग्रेस में जाने से अनुराग ठाकुर की राहों में कांटे बिखरते नजर आ रहे हैं। चंदेल की वजह से पार्टी में भीतरघात का खतरा बढ़ गया है। वहीं घुमारवीं के पूर्व विधायक रिखि राम कौंडल भी नाराज बताये जा रहे हैं। इसी तरह ओबीसी नेता एवं विधायक रमेश धवाला भी नाखुश बताये जा रहे हैं। वहीं नुरपुर के विधायक राकेश पठानिया,भटियात के विधायक विक्रम सिंह जरियाल और पंचायती राज मंत्री वीरेन्दर कंवर भी जय राम ठाकुर से मुंह फुलाये बैठे हैं।

हालात ऐसे बन गये हैं कि प्रदेश भाजपा इन दिनों तीन गुटों में बंटती नजर आ रही है। एक गुट का नेतृत्व खुद सीएम जय राम ठाकुर कर रहे हैं,उन्हें केन्द्रिय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का समर्थन हासिल है। और पार्टी के संगठन मंत्री पवन राणा भी इन दिनों सीएम के साथ कदम ताल करते नजर आ रहे हैं। दूसरा गुट सांसद शांता कुमार का है। व तीसरे गुट में अधिकतर विधायक पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार के साथ बताये जा रहे हैं। धूमल भले ही इस बार सुजानपुर से विधानसभा चुनाव हार गये हों,लेकिन जय राम सरकार में उनके विधायकों का दबदबा किसी से छिपा नहीं है।

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English summary
tough battle in himachal lok sabha elections
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