हिमाचल की रैली में पहुंचे पीएम मोदी, उससे पहले नाग देवता के दरबार गए सीएम जयराम
धर्मशाला। हिमाचल के धर्मशाला में कब मौसम खराब हो जाये व बारिश शुरू हो जाये इसका कोई भरोसा नहीं। यहां ऐसा माना जाता है कि क्रिकेट मैच हो या राजनैतिक कार्यक्रम या फिर सामाजिक धर्मशाला के अराध्य देव इन्द्रु नाग की इजाजत के बिना कभी सफल नहीं हो पाते। पीएम मोदी धर्मशाला पहुंच चुके हैं। वो यहां जनसभा को संबोधित करेंगे। हिमाचल प्रदेश के सीएम ने स्मृति चिन्ह भेंट कर पीएम का स्वागत किया।

रैली से पहले सीएम गए नाग देवता के पास
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली की रैली की कामयाबी के लिये धौलाधार पर्वत पर विराजमान इन्द्रु नाग के दरबार में खुद मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर पहुंचे व देवता के दरबार में पूजा-अर्चना कर रैली की सफलता की मन्नत मांगी। सीएम ने देवता के पास आज बारिश न होने की फरियाद की। इंद्रू नाग को न केवल धौलाधार क्षेत्र के लोकदेवता हैं, बल्कि उन्हें बारिश का देवता भी माना जाता है। वे भगवान इंद्र के साक्षात रूप हैं।

हर बड़े उत्सव से पहले देवता के चरणों में हाजिरी लगाई जाती है। इन्द्रु नाग देवता धौलाधार की तलहटी में बसे ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी आपदा से बचाव एवं समस्याओं के समाधान में अहम भूमिका निभाते हैं। इन्द्रु नाग मंदिर की विशेषता यह है कि मंदिर में पूजा-अर्चना तो हिंदू पंडित करते हैं, लेकिन देवता को प्रसन्न करने के लिए वाद्य यंत्र और शहनाई बजाने का काम मुस्लिम समुदाय के परिवार करते आ रहे हैं।
जन आभार रैली के दौरान हिमाचल के चारों सांसदों शांता कुमार, रामस्वरूप, अनुराग ठाकुर, वीरेंद्र कश्यप नहीं आ पाएंगे क्योंकि तीन तलाक पर जारी व्हिप के चलते उन्हें संसद में मौजूद रहना होगा। इसी वजह से प्रधानमंत्री मोदी यहां लंच नहीं करेंगे। लेकिन विभिन्न विभागों की ओर से लगाई जाने वाली प्रदर्शनियों का अवलोकन करेंगे। वह जयराम सरकार की एक साल की उपलब्धियों पर बनाई गई लघु फिल्म की लॉन्चिंग भी करेंगे।
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कांगड़ा पेंटिंग के रूप में हिमाचल का खास तोहफा भेंट करेंगे। कांगड़ा चित्रकला काफी पुरानी है। रियासत काल के कटोच राजा संसार चंद के वर्ष 1740 से 1823 तक के कार्यकाल को कांगड़ा पेंटिंग के लिए स्वर्ण युग माना जाता है। कांगड़ा पेंटिंग के लिए कलाकार खुद ही प्राकृतिक रूप से रंग, ब्रश आदि तैयार करते हैं। कांगड़ा पेंटिंग की कीमत एक हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक होती है। इस चित्र को बनाने के लिए 10 से 15 दिन और कई बार एक से दो माह भी लग जाते हैं।
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