मेजर मनकोटिया ने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामा, पूर्व विधायक राकेश कालिया ने भी की बगावत
Himachal Pradesh विधानसभा चुनावों में नेताओं में चल रही दल बदलने की होड़ में आज भाजपा ने कांग्रेस पार्टी को झटका देते हुये पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया को पार्टी में शामिल कर लिया। मेजर मनकोटिया का कांगड़ा की राजनीति में खासा प्रभाव रहा है। अपनी साफ सुथरी छवि और फौजी पृष्ठभूमि की वजह से उन्होंने अलग पहचान बनाई है। कांग्रेस सरकार में भले ही मंत्री बनते रहे, लेकिन बार बार उनकी दिवंगत वीरभद्र सिंह से अनबन ही रही। बता दें, इस बार भी मनकोटिया को शाहपुर से टिकट नहीं मिला, तो उन्होंने कांग्रेस पार्टी को छोड़ना ही बेहतर समझा। मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के हाथों बिलासपुर में भगवा पटका पहन लिया। नड्डा ने मनकोटिया को पार्टी की सदस्यता भी दिलाई।
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शाहपुर से टिकट के लिए दावेदारी जता रहे थे मनकोटिया
बताया जा रहा है कि मनकोटिया शाहपुर से टिकट के लिए दावेदारी जता रहे थे। लेकिन पिछला चुनाव चुनाव हारे केवल सिंह पठानिया को कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर मैदान में उतारा, तो मनकोटिया बागी हो गये। मनकोटिया का कांगड़ा जिला की राजनीति में प्रभाव रहा है। और राजपूत बिरादरी में उनकी पैठ रही है। मेजर मनकोटिया जिला कांगडा की शाहपुर सीट से कई बार चुनाव लड़ चुके हैं। मनकोटिया अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। कांग्रेस पार्टी में रहने के बावजूद उनकी कांग्रेस नेताओं से अनबन ही रही। इस बार कुछ माह पहले उन्होंने आम आदमी पार्टी ज्वाइन करने की तैयारी की थी। लेकिन एन वक्त पर कुछ शर्तों को लेकर उनकी बात नहीं बनी , तो उन्होंने आप से किनारा कर लिया था। उसके बाद कांग्रेस का एक धड़ा मनकोटिया के लिए लाबिंग कर रहा था। जिसका कोई नतीजा नहीं निकला और पार्टी ने केवल सिंह पठानिया को शाहपुर से उम्मीदवार बना दिया। जिससे मनकोटिया नाराज हो गये। और उन्होंने भाजपा नेताओं से संपर्क साध लिया।
मनकोटिया के भाजपा में आने से कांग्रेस पार्टी को नुकसान होने का आकलन किया जा रहा है। चूंकि अब मनकोटिया खुलकर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कांगड़ा में अपनी भड़ास निकालेंगे। अपनी ईमानदार छवि और पूर्व फौजी होने के नाते उनके समर्थक जिला के हर चुनाव क्षेत्र में हैं। एक समय पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के साथ टकराव होने के बाद उनका सियासी पतन शुरू हुआ था। इसके बावजूद मनकोटिया का शाहपुर में एक बड़ा जनाधार बरकार रहा है। मेजर विजय सिंह मनकोटिया लंबे समय से क्षेत्र के मुद्दों को लेकर राजनीति कर रहे हैं। वहीं, सीडी प्रकरण को उजागर कर उन्होंने एक बार पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की मुश्किलें काफी बढ़ा दी थीं। उससे पहले भगयवती कांड को लेकर दोनों नेताओं में तकरार बढी थी।
इस बीच , गगरेट से पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राकेश कालिया भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। चुनाव से पहले भाजपा का यह बड़ा दांव माना जा रहा है। इस मौके पर हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में आए हर्ष महाजन भी मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश के चुनावी ट्रेंड को देखें तो 1985 के बाद से कोई भी पार्टी लगातार दो बार सत्ता में वापसी नहीं कर पाई है। 1985 में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में लगातार दो बार आई थी, उसके बाद से आज तक किसी भी पार्टी ने लगातार दो बार हिमाचल प्रदेश में सरकार नहीं बनाई। हालांकि हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में दोबारा सत्ता में वापसी के लिए बीजेपी लगातार प्रयास कर रही है। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य में कुल 75.28 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। राज्य में औसतन 70 फीसदी से ज्यादा मतदान होता है।












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