हिमाचल चुनाव में वीरभद्र कार्ड भुनाने की तैयारी में कांग्रेस, पत्नी प्रतिभा सिंह बन सकती हैं नई अध्यक्ष
शिमला, 25 अप्रैल। इस साल के अंत में हिमाचल में होने जा रहे चुनावों के लिये कांग्रेस संगठन को चुस्त दुरूस्त करने के मकसद से पार्टी आलाकमान ने प्रदेश संगठन में बदलाव करने का निर्णय लिया है। इसकी घोषणा जल्द ही हो सकती है। यही वजह है कि प्रदेश कांग्रेस में सियासी माहौल गरमा गया है। संगठन में अपनी जगह पक्की करने के लिये नेताओं में जद्दोजहद शुरू हो गई है।

दरअसल, पार्टी आलाकमान ने मौजूदा अध्यक्ष कुलदीप सिंह रठौर को हटा कर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह जो कि मंडी से लोकसभा सांसद हैं, को प्रदेश कांग्रेस की कमान देने की तैयारी कर रहा है। जिससे इस पद के लिये उम्मीद लगाये कई नेताओं की उम्मीदों पर पानी फिरने का अंदेशा पैदा हो गया है। यही वजह है कि दबी जुबान में कांग्रेस का एक धडा प्रतिभा सिंह की ताजपोशी का विरोध कर रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के दावेदारों में मुकेश अग्निहोत्री , ठाकुर कौल सिंह और सुखविन्दर सिंह सुक्खू के अलावा राम लाल ठाकुर लेकिन प्रतिभा सिंह की दावेदारी सामने आने से दूसरे नेताओं की उम्मीदों को झटका लगा है।
दरअसल, हाल ही में सपन्न मंडी संसदीय उपचुनावों में भाजपा को हरा कर सांसद बनी हैं। प्रतिभा सिंह के पैरोकारों का मानना है कि वह ही एकमात्र नेता हैं, जो प्रदेश कांग्रेस के सभी नेताओं को एकजुट कर सकती हैं। प्रतिभा सिंह को कमान देकर विधानसभा चुनावों में पार्टी वीरभद्र कार्ड को भुनाकर मोर्चाबंदी करने की तैयारी में है। इसके साथ ही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू को चुनाव प्रचार कमेटी का अध्यक्ष बनाकर संतुलन साधने का प्रयास किया जा रहा है। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के प्लान पर कांग्रेस हाईकमान ने काम शुरू कर दिया है। एक-दो दिन के भीतर इस बाबत लिखित निर्देश जारी होने के आसार हैं।

हिमाचल में आम आदमी पार्टी की सक्रियता बढ़ने के बाद कांग्रेस खेमे में हलचल मच गई है। तीन विधानसभा क्षेत्रों सहित मंडी संसदीय सीट पर जीत दर्ज करने के बावजूद प्रदेश कांग्रेस में छिड़ा द्वंद्व थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में पार्टी के बड़े खेमे ने हिमाचल कांग्रेस की राजनीति में लंबे समय पर एक छत्र राज करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह को पार्टी की कमान थमाने की हाईकमान के पास जोरदार पैरवी की है। बीते दिनों कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हिमाचल कांग्रेस को लेकर छह सदस्यीय कमेटी भी गठित की है। दिल्ली में कोर कमेटी सदस्यों की एक अनौपचारिक बैठक भी हुई है।
बैठक में छह बार मुख्यमंत्री रहे दिवंगत वीरभद्र सिंह का हिमाचल में प्रभाव अभी भी कायम होने पर सभी ने अपनी सहमति जताई है। ऐसे में प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को एकजुट करने के लिए वीरभद्र फैक्टर को अमोघ अस्त्र माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस के अधिकांश नेता प्रतिभा सिंह के अध्यक्ष बनने पर मुखर नहीं होंगे। सुखविंद्र सुक्खू को चुनाव प्रचार कमेटी की कमान सौंप कर दूसरे धड़े को भी शांत रखने का प्रयास है। सुक्खू ने लंबे समय बाद प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन पहुंचकर प्रेस वार्ता की है।अधिकांश समय पार्टी में नेतृत्व बदलाव को लेकर मुखर रहने वाले सुक्खू की बॉडी लैंग्वेज में भी अब बदलाव दिख रहा है। फिलहाल, मंगलवार तक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के आसार हैं।
इस बीच ,कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रतिभा सिंह का रास्ता रोकने के लिए पुरानी कट पेस्ट रिकॉर्डिंग चलाने वाले मुंह की खाएंगे। ये वही लोग हैं, जो मंडी उपचुनाव के लिए कहते थे कि सम्मानजनक हार होगी। आज जब मिलकर प्रदेश में बदलाव लाने की बात आती है तो कुछ आधारहीन लोग ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं और दुर्भाग्यवश पार्टी के पदाधिकारी भी हैं। समय आने पर खुले मंच से इनके नामों का खुलासा किया जाएगा। जो लोग राजनीति में सिर्फ मतलब के लिए आए हैं और दूसरों का नाम खराब कर यह सोचते हैं कि वे बड़े हो जाएंगे। प्रदेश की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
जल्द ही अध्यक्ष के साथ चुनाव समितियों के अलावा राज्य पार्टी संगठनों में आमूल-चूल परिवर्तन पर निर्णय की घोषणा की जा सकती है। पड़ोसी राज्य पंजाब में पार्टी की शर्मनाक हार के बाद कांग्रेस नेतृत्व भी कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है। पार्टी नेतृत्व भी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा के पक्ष में नहीं है और राज्य के नेताओं से आप की चुनौती से निपटने के लिए एकजुट चेहरा पेश करने को कहा है।












Click it and Unblock the Notifications