PESA ACT MP : ग्राम सभा को सशक्त करने के लिए राष्ट्रपति ने मध्य प्रदेश में पेसा कानून किया लागू
PESA ACT MP: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शहडोल जिले में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम के मंच से नियमावली का विमोचन कर पेसा एक्ट लागू किया। पेसा लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का सातवा राज्य बन गया है। इससे पहले 6 राज्य तेलंगाना, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, ने पेसा कानून बनाए हैं।

राष्ट्रगान के साथ जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रम प्रारंभ
शहडोल जिले में राष्ट्रगान के साथ जनजातीय गौरव दिवस समारोह कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। मध्यप्रदेश की मंत्री मीना सिंह स्टेट में भाषण के साथ प्रारंभ किया। तत्पश्चात, सहरिया जनजाति का नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात् पेसा कानून की नियमावली को सार्वजनिक कर राष्ट्रपति ने उसके एमपी में लागू होने की घोषणा किया। नियमावली को जनजातीय समुदाय को समर्पित किया गया।
एमपी देश का 7वां राज्य है, जहां पेसा कानून लागू किया गया है। इससे पहले 6 प्रदेशों राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ने पेसा कानून लागू किए हैं। पेसा एक्ट का संबंध एमपी से ही अधिक रहा है। एमपी के झाबुआ से सांसद रहे दिलीप सिंह भूरिया की अध्यक्षता में बना गई समिति की अनुशंसा पर यह कानून बनाया गया था। 24 दिसंबर 1996 को पेसा कानून भारत में लागू हुआ था। इस कानून के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश सरकारों की तरफ से नियम लागू किए जा रहे थे।
राष्ट्रपति ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 2 दिवसीय एमपी प्रवास के लिए जबलपुर पहुंचने पर विशाल स्वागत किया गया। राष्ट्रपति बनने के पश्चात् उनकी एमपी की यह पहली आधिकारिक दौरा है। राष्ट्रपति शहडोल जिले के लालपुर में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित जनजातीय कार्यक्रम में सम्मिलित होने आई हैं। राष्ट्रपति 2 बजे शहडोल पहुंचीं। वहां उन्होंने 1 जिला 1 उत्पाद के तहत स्वसहायता समूहों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस के चलते स्वसहायता समूहों की सदस्यों ने उन्हें उनके जिले के उत्पादों की जानकारी दी। राष्ट्रपति ने बड़े ही गौर से इन उत्पादों की जानकारी ली। साथ ही कुछ समूहों के उत्पाद भी उन्हें पुरस्कार स्वरूप दिए गए।












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