Satna News: तिरंगे के सम्मान में शहीद हुए थे पद्मधर सिंह, प्रतिमा और नामकरण पर क्यों होने लगी चर्चा?
Satna News: सतना के कारगिल चौराहे पर शहीद पद्मधर सिंह की मूर्ति लगाने की मांग उठने लगी है। होटल शन शाइन रिसॉर्ट में शनिवार को विचार मंच के बैनर तले बैठक कर सर्व समाज के लोगों ने यह निर्णय लिया है।
सभी गणमान्य जनों ने सामूहिक रूप से विचार बनाकर कहा की अमर शहीद लाल पद्मधर सिंह जी देश की आजादी में अभूतपूर्ण योगदान रहा हैं। वो राघराने से ताल्लुकात रखते थे फिर भी उन्होंने विलासिता का जीवन त्याग कर देश के लिए प्राण न्योछावर किए इसलिए उनकी ही भूमि में बायपास तिराहे का नाम करण अमर शहीद के नाम से किया जाना चाहिये।

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दरअसल, 12 अगस्त 1942 को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्र पद्मधर सिंह अंग्रेजों की गोली का सामना करते हुए शहीद हो गए थे। सतना के इस सपूत ने अपने देश की आन-बान और शान के लिए छोटी उम्र में अपने जीवन का बलिदान कर दिया था।आज भी उनके नाम से इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ के चुनाव में शपथ ली जाती है।
ब्रिगेडियर पद से रिटायर हुए पद्मधर सिंह के भतीजे देवेन्द्र सिंह वनइंडिया हिंदी को जानकारी देते हुए बताया विचार मंच पद्मधर सिंह के नाम पर पहली मीटिंग हुई है। शाहिद पद्मधर सिंह की मूर्ति लगाने और कारगिल चौराहे का नाम करण को लेकर चर्चा हुई है। सबसे पहले एक कोर कमेटी बनाई जाएगी और यह कमेटी सर्व समाज से मुलाकात करेंगी। सर्व सहमत से ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर से मांग की जाएगी।

शशांक सिंह बघेल ने वनइंडिया हिंदी को बताया कि शाहिद पद्मधर सिंह की मूर्ति लगाने के लिए कारगिल चौराहे से अच्छी जगह कहीं नहीं है। क्योंकि यह जमीन भी उन्हीं की वंशजों की है। सर्व समाज के सहमत से सभी लोगों ने निर्णय लिया है। ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर से मांग की जाएगी।
विचार मंच के बैठक में मुख्य रूप से ब्रिगेडियर देवेंद्र सिंह कृपालपुर, प्रणवीर सिंह हीरा अध्यक्ष विंध्य पुनरोदय मंच,अखिल सिंह, निशांत सिंह नागौद कोठी, शशांक सिंह बघेल सोनौरा समेत विचार मंचकी बैठक में सर्व समाज से लगभग आधा सैकड़ा लोग उपस्थित रहे।












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