MP News : सतना नगर निगम ने 84 सफाई कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, रोजी रोटी का संकट

मध्य प्रदेश के सतना नगर निगम में एक साथ 84 सफाई कर्मचारियों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ गया है। सतना नगर निगम ने बजट में कटौती और आर्थिक संकट का हवाला देकर 84 कर्मचारियों को घर बैठने का निर्देश दे दिया है। यह कर्मचारी सतना नगर निगम के वार्डों में 84 मस्टर सफाईकर्मियों के तहत काम कर रहे थे। माना जा रहा है कि पहले ही खस्ता हाल सतना नगर की सफाई व्यवस्था अब और बुरा असर पड़ सकता है। पिछले कई दिनों से अलग-अलग वार्डों में पार्षद कर्मचारी बढ़ाने की मांग कर रहे थे, जबकि यह फैसला उसके उल्ट आ गया है।

पिछले कई वर्षों से कर रहे थे नौकरी
मजदूर संघ के संभागीय अध्यक्ष सोहन बनाफर ने जानकारी देते हुए बताया सतना नगर निगम में काम करने वाले मजदूरों को पिछले महीने से लेकर अब तक 84 से अधिक सफाई कर्मचारियों को रातों रात निकाल दिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी नोटिस के जबरन निकाला गया। निकाले गए मजदूर पिछले कई सालों से सतना नगर निगम में काम कर रहे है, सफाई कर्मचारी की एक महिला ने बताया सालो से काम कर रही हूं। यहां तक कि कोरोना में भी मैंने काम किया। अब हमें बिना नोटिस के निकाल दिया गया है। इस महीने सैलरी नहीं आई तो हम क्या करेंगे? बच्चों को क्या खिलाएंगे? हमारे बच्चे तो भूखे मर जाएंगे।
Recommended Video

निर्वाचित महापौर पर निकालने का आरोप
वहीं दूसरी सफाई कर्मचारी ने बताया "मैं पिछले कई सालों से ड्यूटी कर रहा हूं। अब तक ऐसा होता आया है कि सफाईकर्मी वही रहे हैं। लेकिन ठेकेदार बदलते रहते थे। जो पुरानी महापौर थी वो हमारी प्रशंसा करती थी, हमारा सहयोग करती थी। लेकिन अब जो नए महापौर निर्वाचित हुए हैं। ये नहीं चाहते हमारी रोजी रोजी बनी रहे और हमें निकालना चाहते हैं।

सफाईकर्मियों ने शहर में निकाली रैली
नगर निगम से हटाए गए 84 सफाई कामगारों को फिर से नौकरी पर रखने भारतीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले गुरुवार को सफाईकर्मियों ने रैली निकाली। सफाईकर्मी स्टेशन रोड होते हुए निगम कार्यालय पहुंचे और निगम आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा।

मजदूर संघ के संभागीय अध्यक्ष सोहन बनाफर के अनुसार
निगम प्रशासन काम से हटाए गए मस्टर सफाईकर्मियों को एक मौका और दे। निगम आयुक्त को कई बार ज्ञापन दिया जा चुका है। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। यदि इसके बाद भी सफाईकर्मियों की मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे विरोध में काम बंद हड़ताल करने को मजबूर होंगे।












Click it and Unblock the Notifications