Satna News : PM आवास योजना में घोटाला, सतना में मरे लोगों को मिल गए घर
Satna News : जिले के नागौद तहसील के रहिकवारा ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास कागजों में बना दिए गए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि हितग्राहियों को इस बात का पता ही नहीं है कि उनके नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना की चारों किश्तें निकालकर सरकारी फाइलों में आवास पूर्ण होना दर्ज़ कर दिया गया है। कच्चे झोपड़ीनुमा घरों में जीवनयापन करने वाले ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास की लिस्ट में खुद का आवास पूर्ण देखकर हैरान परेशान हैं। ग्राम पंचायत रहिकवारा में 55 ग्रामीण ऐसे हैं जिनका प्रधानमंत्री आवास की लिस्ट में बाकायदा मकान पूर्ण दर्ज़ है जबकि धरातल में उनका आवास गायब है तो वहीं कई ऐसे आवास हैं जो आधे-अधूरे बने हुए हैं लेकिन जिम्मेदारों ने सरकारी फाइलों में उन्हें पूर्ण घोषित कर दिया है। प्रधानमंत्री आवास में इतना बड़ा फर्जीवाड़ा जनपद के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना असंभव है। प्रधानमंत्री आवास में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद जनपद के अधिकारी कैमरे से मुंह छिपाते नजर आ रहे हैं।

55 आवासों की राशि आहरित
घोटाला सतना जिले के नागौद विधानसभा के ग्राम पंचायत रहिकवारा का है, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 55 मकानों की राशि तो आहरित हुई मगर हितग्राहियों को घर नसीब नहीं हुआ। यह अपने आप का अनोखा और दुःसाहस वाला घोटाला है क्योंकि अबतक प्रधानमंत्री आवास योजना के मामले में सचिव सरपंच और ग्राम रोजगार सहायकों पर कमीशनखोरी के आरोप लगते रहे हैं।

बड़े रैकेट की ओर इशारा कर रहा
मगर अब पूरी की पूरी राशि गबन का घटना प्रकाश में आया है। सतना जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में 55 मकान सरकारी दस्तावेजों में तन गए। ये 2020-21 के आवंटन थे जो पात्र हितग्राहियों को नहीं मिले अलबत्ता उनके नाम से राशि जरूर आहरित कर ली गई। यह मामला 1 पूरे रैकेट की ओर इशारा कर रहा है।
मामला उजागर होने के बाद मचा हड़कंप
दरअसल हितग्राही वही हैं मगर राशि उनके नाम पर किसी और के खाते के जरिये निकाली गई। एक लाख 20 हजार रुपए के हिसाब से 55 हितग्राहियों के 66 लाख रुपए किसने खुर्दबुर्द कर दिए, इस मामले के संज्ञान में आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है, और अब ये जांच का विषय है। बहरहाल पीड़ित हितग्राहियों ने कलेक्टर को आवेदन देकर जांच की गुहार लगाई है।

हितग्राही ने दी जानकारी
रहिकवारा के हितग्राही ग्रामीणों ने जानकारी दि कि यहां के लोगों से कागजात तो ले लिए गए पर आज तक उन्हें पीएम आवास का आवंटन नहीं किया गया, जब वह अपना रिकॉर्ड पता किए तो उनके पैरों तले से जमीन निकल गई, उन्हें पता चला कि उनके नाम का आवास भी बन गया है, और उनका उनके पैसे भी आहरित कर लिए गए।

विकलांग शिव कुमार चौधरी दर-दर भटक रहा
पूरे घोटाले में विकलांग शिव कुमार चौधरी के नाम से भी पैसे निकाले गए हैं उसने जानकारी दी कि उसके पिता लालमनी जिनकी मृत्यु हो गई है, उनके नाम से भी आवास का पैसा 2021 में 4 किस्तों के माध्यम से निकाल गई, जब वह लिस्ट अपना मकान पूर्ण बना हुआ देखा तो हैरान रह गया, अब उसकी बेवा मां 1 टूटे झोपड़ी नामा में रहती है, जो कभी भी धरासाई हो सकता है।

जांच जारी है जो दोषी होगा कारवाही होगी- जिला कलेक्टर
इस पूरे घोटाले में जब जिला प्रशासन से शिकायत हुई तो मामले की जांच के निर्देश देकर 1 टीम बनाकर गांव भेजी गई है, जिला कलेक्टर की माने तो जांच जारी है और जो भी इस मामले मे दोषी होगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।












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