भाई के दैहिक शोषण से प्रेग्नेंट हुई... आरोपी के घर के सामने नाबालिग ने खाया जहर, मरने से पहले बता गई आपबीती
Maihar News: मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां एक 17 वर्ष की नाबालिग प्रेग्नेंट लड़की ने जहर खाकर जान दे दी है। हालांकि, उसे रीवा के संजय गांधी अस्पताल इलाज के लिए ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसने दम तोड़ दिया।
मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर में रिश्ते को शर्मशार करने की एक घटना के बाद पुलिस का गैरजिम्मेदाराना चेहरा सामने आया है, जिससे आहत होकर किशोरी ने खुदकुशी कर ली। मामले के तूल पकडऩे के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी अनुसार रीवा जिले के जवा थाना क्षेत्र की 17 वर्षीय नाबालिग लड़की का ननिहाल मैहर जिले के मुकुंदपुर क्षेत्र में है, जहां आने-जाने के दौरान ममेरे भाई ने बहला-फुसलाकर शारीरिक संबंध बना लिए, जिससे नाबालिग गर्भवती हो गई। यह बात पता चलने पर उसने शादी की बात कही तो आरोपी टालमटोल करते हुए लगातार दैहिक शोषण करता रहा। जब गर्भ 8 माह का हो गया, तब पीडि़ता ने परिजनों को आपबीती सुनाई तो माता-पिता ने लोकलाज के डर से युवक और उसके घरवालों से मिल कर शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन आरोपी किसी भी कीमत पर मानने को तैयार नहीं था।
पुलिस का गैरजिम्मेदाराना चेहरा
परेशान होकर पीडि़ता और उसके पिता ने 4 जुलाई को मुकुंदपुर चौकी पहुंचकर फरियाद की, मगर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को पकडऩे की बजाय, पुलिस समझौता करने का सलाह देनेलगी। इतना ही नहीं युवक को बुलाकर दबाव बनाया तो वह नाबालिग से शादी करने को राजी हो गया, मगर थाने से लौटते ही मुकर गया और पिता-पुत्री को घर से भगा दिया।
आरोपी के सामने निगला जहर
तब दोनों लोग गांव के लिए निकल गए, मगर रीवा पहुंचते ही नाबालिग बस से उतरकर फिर मुकुंदपुर आई और 4 जुलाई को आरोपी के घर के सामने जहर निगल लिया। उसे गंभीर हालत में रीवा संजय गांधी ले जाया गया, जहां महिला थाना पुलिस ने 5 जुलाई को बयान दर्ज कर जीरो पर मामला दर्ज कर ताला पुलिस को सूचित किया पर तब भी आरोपी को नहीं पकड़ा गया।
मौत के बाद जागी खाकी
6 जुलाई की रात को पीडि़ता ने अस्पताल में दम तोड़ दिया, जिसकी जानकारी मिलते ही ताला पुलिस के हाथ-पैर फूल गए और फौरन दबिश देकर 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार कर लिया, जिसे रविवार दोपहर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। इस बीच पुलिस की कार्यशैली से नाराज परिजनों के विरोध के चलते 7 जुलाई को मृतिका के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।
इस मामले में अमरपाटन एसडीओपी एसके सिंह ने कहा कि नाबालिग के परिजन पहले मामला दर्ज करने के बजाय युवक को समझाइश देने में मांग रहे थे। इस मामले में नए सिरे से उनके बयान लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।












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