RTI News: हाथ से लिखे RTI आवेदन की नहीं दी जानकारी, सहकारिता अधिकारी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना
सतना आरटीआई आवेदक उदयभान चतुर्वेदी ने आरटीआई आवेदन दायर कर सतना कलेक्टर के निर्देश पर हुई जय किसान ऋण माफी योजना में फर्जी ऋण दाताओं की जांच जिसमें 4 समिति प्रबंधकों को निलंबित किया गया था।

मध्यप्रदेश में हस्तलिखित आरटीआई आवेदन खारिज करने वाले अधिकारी पर राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने सतना में उप सहकारिता आयुक्त शिव प्रकाश कौशिक पर 25,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। शिव प्रकाश कौशिक वर्तमान में टीकमगढ़ में पदस्थ हैं। साथ ही सूचना अधिकारी ने कहा कि सूचना के अधिकार के तहत आवेदन खारिज करना गैर कानूनी है।
राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह द्वारा आरटीआई आवेदन का मूल्यांकन किया गया। जिसमें पाया गया कि आरटीआई आवेदन उदयभान चतुर्वेदी ने हाथ से लिखा है और आवेदक ने स्पष्ट रूप से मांगी गई जानकारी का उल्लेख किया है। इसके साथ ही आरटीआई आवेदन के शुल्क के रूप में 10 रुपए का पोस्टल ऑर्डर भी लगाया है। राहुल सिंह ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि इस आधार पर आरटीआई आवेदन को खारिज करना सूचना के अधिकार कानून के तहत अवैध है।
उदयभान चतुर्वेदी ने सतना कलेक्टर के निर्देश पर आरटीआई दायर कर जय किसान ऋण माफी योजना में फर्जी कर्जदारों की जांच पर जानकारी मांगी थी। जिसमें चार समिति प्रबंधकों को निलंबित किया गया था। तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी उपायुक्त सहकारिता सतना शिव प्रकाश कौशिक ने आरटीआई आवेदन को खारिज कर दिया क्योंकि आवेदक ने हाथ से लिखकर आरटीआई लगाई थी। लोक सूचना अधिकारी द्वारा आरटीआई आवेदन को खारिज करते हुए लिखा गया कि आरटीआई आवेदन निर्धारित प्रारूप में नहीं है।
सूचना आयुक्त ने जानकारी दी कि भारत के प्रत्येक नागरिक को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 3 और 6 के तहत आरटीआई लगा कर सूचना प्राप्त करने का अधिकार है। आरटीआई आवेदन और हाथ से लिखे हुए आरटीआई आवेदन दाखिल करना कानूनी रूप से मान्य है।












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