MP News: बजरंग दल का पदाधिकारी कर रहा था गांजे की तस्करी, 22 किलो के पैकेट के साथ सतना से गिरफ्तार
MP News: जानकारी के मुताबिक RPF की पेट्रोलिंग पार्टी ने गांजा की खेप ले कर आ रहे दो युवकों को उचेहरा रेलवे स्टेशन से पकड़ा था। पकड़े गए युवकों में सुंदरम तिवारी और राज चौरसिया पिता बनारस यूपी शामिल हैं।

MP News: मध्यप्रदेश के सतना जिले से पुलिस ने गांजे की तस्करी करते हुए एक बजरंग दल के सह संयोजक को गिरफ्तार किया है। उसके साथ में उसका एक अन्य साथी भी पुलिस के हाथ लगा है। पुलिस ने इनके पास से 21 किलो से ज्यादा का गांजा बरामद किया है।
बजरंग दल के पन्ना इकाई का आरोपी सुंदरम तिवारी बजरंग सह संयोजक है। गांजा तस्करी के मामले में बजरंग दल के कार्यकर्ता के शामिल होने की जानकारी जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई। वैसे ही बजरंग दल ने सुंदरम तिवारी को सह संयोजक पद से निष्कासित करने की सूचना जारी कर दी गई थी।
गांजा की तस्करी के आरोप में बजरंग दल की पन्ना जिला इकाई के सह संयोजक सुंदरम तिवारी और उसके एक आरोपी साथी राज चौरसिया को सतना जिले के उचेहरा रेलवे स्टेशन से आरपीएफ की क्राइम इंटेलिजेंस टीम (सीआईबी) ने गिरफ्तार किया है।
दोनों के पास से गांजे से भरे 5 बैग बरामद किए गए हैं। जिनमें से कुल 21 किलो 900 ग्राम गांजा पकड़ा गया है। पकड़े गए आरोपी सुंदरम तिवारी पिता दामोदर पन्ना जिले के देवेंद्रनगर का रहने निवासी है। जबकि दूसरा आरोपी राज चौरसिया बनारस का रहने वाला है।
बताया जा रहा है कि आरोपी छत्तीसगढ़ से किसी अन्य ट्रेन से कटनी तक आए थे। कटनी से इन्होंने छपरा जाने वाली सारनाथ एक्सप्रेस में बैठे थे। आरपीएफ को जानकारी दी गई कि ट्रेन में सफर कर रहे कुछ लोगों के बैग से गांजे की दुर्गंध आ रही है। लिहाजा आरपीएफ की सीआइबी उनके पीछे लग गई।
आरपीएफ को शंका थी कि आरोपी सतना स्टेशन पर उतरेंगे। मगर सारनाथ एक्सप्रेस जैसे ही सुबह 9:30 उचेहरा स्टेशन पहुंची। सुंदरम और जय समेत अन्य तीन अज्ञात आरोपी उतरकर ऑटोरिक्शा में बैठने लगे। इसी दौरान स्टेशन में मौजूद आरपीएफ की सीआईबी के आरक्षक अजीत यादव ने सुंदरम और राज को पकड़ कर पूछताछ की तो 3 अन्य अपने झोले छोड़कर भाग गए। जबकि सुंदरम और जय पकड़ लिए गए। सुंदरम के बैग से 10 किलोग्राम और राज के बैग से 11किलो 960 ग्राम गांजा पकड़ा गया।
बजरंग दल के प्रांत मंत्री सागर गुप्ता के अनुसार सुंदरम तिवारी को सह संयोजक के पद पर संगठन में पदस्थ किया गया था लेकिन इसके काम धंधे अच्छे नहीं थे तो संगठन से उसे बाहर कर दिया गया। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि संगठन में लाने और बाहर करने के लिए कोई पत्राचार किया था तो बजरंग दल के प्रांत मंत्री सागर गुप्ता ने कहा कि उसे संगठन में मौखिक आदेश से ही लिया गया था और मौखिक आदेश से ही संगठन से निकाल दिया गया है।












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